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Nagpur

मीडिया रिपोर्टिंग से मनसे खफा, सवाल पूछने पर पत्रकारों पर भड़के संदीप देशपांडे


नागपुर: नागपुर में मनसे पदाधिकारियों की नियुक्ति में हो रही देरी को लेकर अखबारों में छपी खबरों को लेकर मुंबई से आये पार्टी नेताओं ने अपनी नाराज़गी जताई। पार्टी के महासचिव और प्रवक्ता संदीप देशपांडे ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहां की बीते दिनों पदाधिकारियों की नियुक्ति में हो रही देरी को लेकर जो खबरें चलाई गयी वो निराधार है.हमें इस तरह की खबरों से कोई आपत्ति नहीं लेकिन जिससे सम्बंधित ख़बर है कम से काम उसका कोट (बयान ) तो लिया ही जाना चाहिए। यह सार्थक पत्रकारिता के पैमानें के भी विरुद्ध है.
 
ज्ञात हो की कुछ मीडिया हॉउस द्वारा इस तरह की खबरें चलाये जाने के बाद मनसे के स्थानीय पदाधिकारियों ने अख़बार के दफ़्तर में पहुँचकर नाराजगी भी जताई थी.इसे लेकर ही पूछे गए सवाल पर देशपांडे भड़क गए उन्होंने पत्रकारिता के मूल्यों की सीख़ पत्रकारों को समझाते हुए कहां की हमारे कार्यकर्त्ता अख़बार के दफ़्तर में सिर्फ अपनी मौखिक नाराजगी व्यक्त करने गए थे.

नागपुर के रवि भवन में आयोजित मनसे की प्रेस वार्ता में प्रेस को संबोधित कर रहे संदीप देशपांडे और पत्रकारों के बीच हो रही बातचीत को थोड़ा उग्र होता देख अन्य पदाधिकारी अविनाश जाधव ने बीच बचाव किया। उन्होंने कहा की हमारे पास इस वक्त भी 450 कार्यकर्ता के नाम की लिस्ट है जिसमे से 100 लोगों को पदाधिकारी नियुक्त करना कोई बड़ी बात नहीं लेकिन हम ऐसे कार्यकर्त्ता को जिम्मेदारी देना चाहते है जो कम से कम दो साल तक दी गयी जिम्मेदारी का निर्वहन करें।
 
इसलिए इस काम में देरी हो रही है लेकिन इसका यह मतलब बिलकुल नहीं हो सकता की हमारी पार्टी के पास कार्यकर्त्ता ही नहीं है.अगर हम आज जल्दबाजी में कार्यकारिणी की लिस्ट जारी कर देंगे।अगर किसी कारण से किसी कार्यकर्त्ता को उससे हटाए जाने का मौका आ जाये तो पत्रकार की ख़बर छापेंगे। इसलिए हम इस प्रक्रिया में समय ले रहे है.

गौरतलब हो कि बीते दिनों नागपुर आये मनसे प्रमुख ने शहर की सभी पार्टी इकाइयों को भंग करने का ऐलान किया था और जल्द ही नई कार्यकारिणी के गठन की बात कही थी.इसी में हो रही देरी को लेकर छपी खबरों को लेकर मनसे के राज्य पदाधिकारियों ने ऐतराज जताया है.