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Nagpur

महाराष्ट्र के साथ एक और छल,उद्योग मंत्री की घोषणा के बावजूद टाटा-एयरबस प्रोजेक्ट गुजरात गया


नागपुर- औद्योगिक विकास के लिए महाराष्ट्र को एक और झटका लगा है.विमान निर्माण क्षेत्र के लिए महत्वाकांक्षी परियोजना अब राज्य के बजाये गुजरात चली गयी है.वेदांत-फॉक्सकॉन के सेमीकंडकर प्रोजेक्ट के बाद यह दूसरी ऐसी परियोजना है जो राज्य के हाथ से छिटककर गुजरात के पाले में गिरी है.इस परियोजना का गुजरात चले जाना महाराष्ट्र के लिए तो बड़ा झटका है की लेकिन इसके साथ यह उपराजधानी के लिए भी बड़ा झटका है.खास है की टाटा एयरबस की यह परियोजना नागपुर के मिहान में लगाई जाये इसे लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने भरकस प्रयास किये। इसके लिए उन्होंने बाकायदा टाटा समूह के चेयरमैन को पत्र भी लिखा था.सिर्फ इतना ही नहीं वेदांत-फॉक्सकॉन परियोजना के गुजरात चले जाने के बाद राज्य के उदय सामंत ने बाकायदा बयान जारी करते हुए कहां था की वो और सरकार टाटा-एयरबस का प्रोजेक्ट नागपुर के मिहान में लगे इसके लिए एड़ी-चोटी का जोर लगायेंगे।मगर दुर्भाग्य न ही राज्य सरकार और न ही उद्योग मंत्री अपने दावे को पूरा करने से सफल साबित हुए.

22 हजार करोड़ की विमान बनाने की यह परियोजना अब गुजरात के वडोदा में स्थापित होगी। इसका औपचारिक ऐलान भी हो गया है.30 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका शिलान्यास करेंगे।भारतीय वायुसेना के लिए सी-295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट बनाने की जिम्मेदारी टाटा एयरबस को सौंपी गयी है.सरकार के स्वदेशी उपक्रम के तहत इस कंपनी के माध्यम से पूर्णतः स्वदेशी एयरक्राफ्ट का निर्माण किया जायेगा। इस परियोजना के  माध्यम से यह पहली बार होगा की सी-295 विमान का निर्माण पहली बार यूरोप के बाहर किसी देश में होगा। विमानों की आपूर्ति 2026 से 2031 के बीच कंपनी वायुसेना को करेंगी।पहले 16 विमान 2023 से 2026 के बीच बनकर तैयार होंगे।
 

यह भी पढ़े टाटा-एयरबस परियोजना को लेकर उद्योग मंत्री उदय सामंत ने क्या कहां था?
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