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छोटा मटका के बाएं पैर के रिस्ट ज्वाइंट में गंभीर फ्रैक्चर, एडवांस ट्रीटमेंट के लिए नागपुर गोरेवाड़ा सेंटर रेफर; चल रहा इलाज


नागपुर: ताडोबा-आंधरी अभयारण्य का प्रसिद्ध बाघ ‘छोटा मटका’ (Chhota Matka) वर्तमान में गंभीर अवस्था में है। ब्रह्मा बाघ के साथ संघर्ष में घायल होने के उपरांत उसके पैर में गंभीर फ्रैक्चर पाया गया था। चंद्रपुर ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर (Chandrapur Transit Treatment Centre) में 14 दिनों तक उपचार के बावजूद स्थिति में सुधार न होने पर उसे नागपुर स्थित गोरेवाड़ा ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर (Gorewada Transit Treatment Centre) स्थानांतरित किया गया, जहाँ उसका उपचार जारी है।

ज्ञात हो कि 12 मई को छोटा मटका की ब्रह्मा बाघ से भिड़ंत हुई थी। इस लड़ाई में ब्रह्मा की मौत हो गई थी, जबकि छोटा मटका गंभीर रूप से घायल हुआ था। इसके बाद से ही वह लंगड़ाकर चल रहा था। शुरुआत में उसकी स्थिति स्थिर थी और कुछ महीने पहले उसने चार जानवरों का शिकार भी किया था, लेकिन इसी दौरान उसकी चोट गहरी हो गई। चोट बढ़ने के कारण वह न तो सही से चल पा रहा था और न ही शिकार कर पा रहा था।

ताडोबा-आंधरी के मशहूर बाघ होने के कारण वन विभाग की टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही थी। चोट की गंभीरता को देखते हुए 28 अगस्त को एक विशेष अभियान चलाकर छोटा मटका को पकड़ा गया और उपचार के लिए चंद्रपुर ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर लाया गया। जांच में सामने आया कि उसके बाएं पैर के रिस्ट जॉइंट में गंभीर फ्रैक्चर है। यह फ्रैक्चर इतना जटिल था कि न तो उसमें रॉड डाली जा सकती थी और न ही कोई ऑपरेशन संभव था।

लगातार 14 दिनों तक चंद्रपुर टीटीसी में उसका इलाज किया गया, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। हालत की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार को छोटा मटका को एडवांस इलाज के लिए नागपुर के गोरेवाड़ा ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर रेफर किया गया, जहां पिछले दो दिनों से उसका उपचार जारी है।