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डीन गुप्ता को पद से हटाया गया,वेंटिलेटर नहीं मिलने से 17 वर्षीय लड़की की मौत के मामले में दोषी पाया गया


नागपुर -नागपुर के जीएमसी अस्पताल में वेंटिलेटर नहीं मिलने की वजह से वैष्णवी की मौत के मामले में डीन पर गाज गिरी है.इस मामले में डीन सुधीर गुप्ता को उनके पद से हटा दिया गया है.नागपुर के जीएमसी अस्पताल में वणी निवासी 17 वर्षीय वैष्णवी की मौत हो गयी थी.इस मामले को लेकर मेडिकल प्रशासन के कामकाज सवाल उठे थे.गंभीर हालत में वैष्णवी को जीएमसी लाया गया था.उसे वेंटिलेटर की जरुरत थी लेकिन 40 घंटे अस्पताल में जिंदगी से जंग लड़ रही वैष्णवी को वेंटिलेटर नहीं मिला था.जबकि मेडिकल में 221 वेंटिलेटर थे.इस मामले की गूंज उठने के बाद डीन गुप्ता द्वारा बनाई गई जाँच समिति ने बीते दिनों अपनी रिपोर्ट दी थी इसके साथ ही चिकित्सा शिक्षा विभाग के निर्देश पर गठित  मेयो कॉलेज के डॉक्टरों की समिति ने अपनी रिपोर्ट दी थी. इन दोनों रिपोर्ट के आधार और अपने स्तर पर की गयी जाँच में इस मामले में दिन डॉक्टर गुप्ता को दोषी पाया गया है जिसके चलते उन्हें पद से हटा दिया गया है.उसकी जगह डॉ राज गजभिये को इस पद की जिम्मेदारी दी गयी है.

नागपुर का जीएमसी अस्पताल जिले ही नहीं आस-पास के राज्यों के लिए आशा की एक बड़ी किरण है लेकिन यह स्वास्थ्य सेवा के ही साथ अन्य कारणों के चलते भी लगातार चर्चा में रहता है.17 वर्षीय वैष्णवी की मौत का मामला राज्य भर में गूंजा।इस मामले की जाँच में डीन गुप्ता के कामकाज से जुड़े कई अन्य व्यवहार भी सार्वजनिक हुए.इस मामले को चिकत्सा शिक्षा विभाग ने गंभीरता से लिया।डीएमईआर के संचालक डॉ दिलीप म्हैसेकर ने खुद मेडिकल पहुंचकर डीन डॉक्टर गुप्ता से जवाब तलब किया था.अपने इस दौरे के दौरान उन्होंने मेडिकल के रेजिडेंट डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ से भी बातचीत की थी.इस मामले  लिए गठित दोनों समितियों की रिपोर्ट २४ सितंबर को चिकित्सा शिक्षा विभाग भेजी गयी थी.इस रिपोर्ट के बाद 30 सितंबर को  के सहसचिव शिवाजी पाटणकर का पत्र मेडिकल प्रशासन को प्राप्त हुए जिसमे डॉ गुप्ता को प्रशासनिक कारणों से डीन के पद से हटा दिया गया.इस पत्र में डॉ गुप्ता को नई जिम्मेदारी दिए जाने को लेकर उल्लेख करते हुए कहां गया है उसकी पदस्थापना के बारे में अलग से निर्णय लिया जायेगा।