logo_banner
Breaking
  • ⁕ भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने, गिट्टीखदान इलाके में तनाव ⁕
  • ⁕ राज्य चुनाव आयोग ने ‘लाडली बहन योजना’ का लाभ अग्रिम रूप से देने पर लगाई रोक ⁕
  • ⁕ Nagpur: क्राइम ब्रांच की छापा मार कार्रवाई, साढ़े पाँच लाख का प्रतिबंधित गुटखा–तंबाकू जब्त ⁕
  • ⁕ Nagpur: नायलॉन मांजा पर हाईकोर्ट सख्त, पतंग उड़ाने पर 25,000 और बेचने पर 2.5 लाख रुपये का जुर्माना ⁕
  • ⁕ मनपा चुनाव के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार; सुरक्षा और तकनीकी इंतज़ाम पुख्ता, दोपहर तक परिणाम की संभावना ⁕
  • ⁕ मनपा चुनाव प्रचार का आज अंतिम दिन, रैलियों और जनसभाओं के ज़रिए प्रत्याशी झोंकेंगे पूरी ⁕
  • ⁕ प्रचार के अंतिम दिन भाजपा ने झोंकी पूरी ताक़त; फडणवीस निकाल रहे बाइक रैली, गडकरी और बावनकुले की जनसभाओं से मांगे जाएंगे वोट ⁕
  • ⁕ चांदी के भाव में उछाल का दौर जारी; नागपुर सराफा बाजार में 2,53,500 प्रति किलो पर पहुंची चांदी ⁕
  • ⁕ Bhandara: लाखोरी गांव के पास घूम रहे तीन भालू, इलाके में डर का माहौल ⁕
  • ⁕ Nagpur: नकली एमडी बिक्री विवाद में युवक पर जान लेवा हमला, चाकू मार कर किया गंभीर रूप से घायल ⁕
Nagpur

Sai Baba: हाईकोर्ट के निर्णय को उपमुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया दुखद, फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका


नागपुर: बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने शुक्रवार को नक्सल गतिविधियों में शामिल होने को लेकर जेल में सजा काट रहे साईं बाबा और उनके सहयोगियों को बरी कर दिया। अदालत के इस फैसले पर राज्य के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अदालत के निर्णय को दुखद बताते हुए कहा कि, फैसला शहीदों के परिवारों के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निराशाजनक है। नागपुर एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने यह बात कहि। इसी के साथ उन्होंने आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट याचिका दायर करने की जानकारी दी। 

उपमुख्यमंत्री ने कहा, “इतने सारे सबूतों के बाद भी तकनीकी त्रुटि के कारण ऐसे व्यक्ति को जाने देना उचित नहीं है। जो लोग नक्सलवाद के खिलाफ लड़ते हैं, जिन्हें अपनी जान गंवानी पड़ती है। यह उन पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के लिए बेहद चौंकाने वाला फैसला है, जिनके वाहन माइंस लगाकर उड़ा दिए गए। उन शहीद परिवारों के लिए यह बेहद दुखद है। हम आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेंगे।”

ज्ञात हो कि, 2014 में माओवादी संगठन से लिंक को लेकर साई बाबा सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इसमें एक पत्रकार और एक जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय का छात्र भी शामिल था। 2017 में गडचिरोली की जिला अदालत ने सभी को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और भारतीय दंड संहिता (IPC) के विभिन्न प्रावधानों के तहत दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। सभी आरोपी नागपुर के सेंट्रल जेल में बंद हैं।