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मेडिकल अस्पताल में वैष्णवी की मौत के मामले में डीएमईआर सख़्त,संचालक म्हैसेकर ने जाँच का दिया आदेश


नागपुर-वेंटिलेटर के अभाव में नागपुर के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में वैष्णवी की मौत के मामले को चिकित्सा शिक्षा विभाग  ने गंभीरता से लिया है.डायरेक्टर ऑफ़ मेडिकल एज्युकेशन एंड रिसर्च के प्रमुख डॉ दिलीप म्हैसेकर ने इस मामले की नागपुर से बाहर के डॉक्टरों से जाँच कराये जाने का निर्णय लिया है.
यवतमाल के वणी निवासी 17 वर्षीय वैष्णवी राजू बागेश्वर की मेडिकल में हुई मौत का मामला गंभीर बनता जा रहा है.गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती हुई वैष्णवी को समय पर वेंटिलेटर नहीं मिलने से उसकी मौत हो गयी थी.इस घटना के बाद नागरिक मेडिकल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे थे.विवाद को बढ़ता देख दिन डॉ सुधीर गुप्ता ने मेडिकल की आतंरिक समिति का गठन कर जाँच कार्रवाई थी.इस समिति ने इस घटना के लिए और वैष्णवी की मौत के लिए अस्पताल की व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराया था.शायद इस जाँच रिपोर्ट से चिकित्सा शिक्षा विभाग संतुष्ट नहीं दिखा और उसके माध्यम से एक नई जाँच समिति का गठन किया गया है.इस समिति पर किसी प्रकार का दबाव न हो इसके लिए नागपुर के बाहर से डॉक्टरों को जिम्मेदारी सौंपी गयी है.डॉ म्हैसेकर इस मामले के सामने आने के बाद खुद मेडिकल का दौरा भी किया था.

 
वैष्णवी को वेंटिलेटर नहीं मिलने की वजह से उसे अंबु बैग से उसके माता पिता ऑक्सीजन दे रहे थे.लेकिन उसकी जाँच नहीं बच पायी।जानकारी के मुताबिक डीएमईआर के संचालक डॉ म्हैसेकर ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से मेडिकल अस्पताल में मरीजों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली और अव्यवस्था पर कटाक्ष भी किया।