logo_banner
Breaking
  • ⁕ नाना पटोले की भाजपा में होगी वापसी! विधायक परिणय फुके ने किया बड़ा दावा; चर्चाओं का बजार हुआ गर्म ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र में जल संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, राज्य के सभी जलस्रोतों का पानी पीने के लिए किया आरक्षित ⁕
  • ⁕ संवैधनिक संस्थाओ के खिलाफ अविश्वास पैदा करना चाहता है विपक्ष, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- देश में वामपंथी शासन लाना चाहते हैं राहुल गांधी ⁕
  • ⁕ देऊळगांव राजा में दो गुटों में खूनी संघर्ष, नगरसेवक समेत दो की मौत; पुलिस स्टेशन के सामने हुआ बवाल ⁕
  • ⁕ मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे में मतभेद! विजय वडेट्टीवार ने किया बड़ा दावा, मंत्री जायसवाल ने कांग्रेस नेता को दी सधी हुई सलाह ⁕
  • ⁕ त्योहारों पर नागपुर और न्यू अमरावती के यात्रियों को बड़ी राहत, मध्य रेलवे चलाएगा विशेष ट्रेनें ⁕
  • ⁕ Chandrapur: चंद्रपुर का राजा’ गणेश मंडल पर रामनगर पुलिस थाने में FIR ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में शिवसेना यूबीटी ने निकाला मार्च, कर्जमाफी सहित 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद देने की मांग ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Nagpur

नागपुर विश्वविद्यालय में परीक्षा का कामकाज़ देखने वाली एमकेसीएल कंपनी को शिक्षा मंत्री ने दिखाया बाहर का रास्ता


नागपुर -राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय में परीक्षा का कामकाज देखने वाली एमकेसीएल कंपनी को बाहर रास्ता दिखा दिया गया है. एमकेसीएल कंपनी के खिलाफ शिकायत मिलने के बाद राज्य के उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने बैठक लेकर ये निर्णय लिया है. साथ ही पाटील ने कुलगुरु और अन्य अधिकारियों की भूमिका की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित कर अगले 8 दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपने को को कहा है.

शिक्षा मंत्री के इस आदेश के बाद विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. सुभाष चौधरी की मुश्किलें अब बढ़ गई हैं। दरअसल रविवार को राज्य के उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील खुद ने खुद नागपुर में बैठक लेकर  एमकेसीएल कम्पनी को बाहर का रास्ता दिखाए जाने का निर्णय लिया। साथ ही उन्होंने कुलगुरु और अन्य अधिकारियों की भूमिका की जांच के आदेश दिए है. इसके लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित करने का फैसला लिया है। इस समिति को अगले 8 दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपने को भी कहा गया है. ऐसे में प्रोमार्क कंपनी को परीक्षा के कामकाज के लिए अगले 6 महीने का अतिरिक्त कार्यकाल भी दिया गया है।


एमकेसीएल कंपनी पर आरोप है की ने उसने लगातार एक के बाद एक कई गड़बड़ियां की है.शीतकालीन सत्र 2021 के कई नतीजे अब तक नहीं आये हैं। जिसके बाद विधान परिषद में विधायक अभिजीत वंजारी और प्रवीण दटके  ने एमकेसीएल कम्पनी के कामकाज पर विधान परिषद में प्रश्न पूछे थे जिसके ज़वाब में सदन के भीतर ही उच्च शिक्षा मंत्री ने कार्रवाई का भरोसा दिया था. बैठक में दटके, वंजारी समेत विश्वविद्यालय के सीनेट सदस्य एड. मनमोहन वाजपेयी, विष्णु चांगदे, शिवाणी दाणी समेत अधिकारी भी मौजूद थे।