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हाथियों के स्थानांतरण की हाईकोर्ट की सु मोटो याचिका में एलिफंट वेलफेयर ट्रस्ट ने डाली हस्तक्षेप याचिका


नागपुर -गड़चिरोली और चंद्रपुर जिलों में हाथियों के स्थानांतरण के संबंध में बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ के समक्ष लंबित मामले में गुजरात के राधा-कृष्ण  टेम्पल एलिफंट वेलफेयर ट्रस्ट की ओर से एक हस्तक्षेप अर्जी दायर की गई है। ट्रस्ट की दलीलों को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने अर्जी मंजूर कर ली है। और सुनवाई के लिए हामी दी है.

गड़चिरोली जिले के पातानिल और कमलापुर और चंद्रपुर के ताडोबा के वन विभाग के पालतू हाथियों को गुजरात के जामनगर स्थित रिलायंस ग्रुप के एक निजी ट्रस्ट को हस्तांतरित किया जा रहा है। अब तक 13 में से 9 हाथियों को स्थानांतरित किया जा चुका है. हाथियों के स्थानांतरण के विरोध में हाईकोर्ट ने स्वयं इस संबंध में एक जनहित याचिका दायर की है.जिसके चलते बाकी के हाथियों के स्थानांतरण की प्रक्रिया को रोक दिया गया है..  

वहीं अब इस मामले में राधा-कृष्ण टेम्पल एलिफंट वेलफेयर ट्रस्ट की ओर से एक हस्तक्षेप अर्जी दायर की गई है। ट्रस्ट की ओर से कहा गया है उनके द्वारा पिछले 20 वर्षों से हाथियों के संरक्षण और सेवा सुश्रुषा के लिए काम हो रहा है. ट्रस्ट की जामनगर में 700 हेक्टेयर क्षेत्र में एक हाथी संरक्षण परियोजना स्थापित कर रहा है. हस्तक्षेप याचिका में कहा गया है कि रिलायंस  ग्रुप ने इसके लिए सीएसआर फंड का योगदान दिया है। इसके साथ ही इस परियोजना में देश के विभिन्न हिस्सों से पालतू हाथियों का स्थानांतरण शामिल है. ट्रस्ट ने यह भी कहा कि दिल्ली और कर्नाटक उच्च न्यायालयों ने स्थानांतरण प्रक्रिया को वैध कर दिया है. इस मामले में अगली सुनवाई तीन सप्ताह के बाद तय की गई है।