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Nagpur

रामटेक गढ़ मंदिर परिसर में वन विभाग और पुलिस की बड़ी कार्रवाई, हटाई गई तीन मजारें; शहर छावनी में तब्दील


नागपुर: ज़िले के रामटेक तहसील स्थित ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रामटेक गढ़ मंदिर परिसर में बुधवार तड़के बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया। वन विभाग और पुलिस प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में परिसर की वन भूमि पर बनी तीन मजारों को ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई 30 जुलाई की सुबह 4 बजे से 5 बजे के बीच बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दी गई।

जानकारी के अनुसार, ये तीनों मजारें पिछले कई वर्षों से रामटेक गढ़ मंदिर परिसर की वन भूमि पर अवैध रूप से निर्मित थीं। इन निर्माणों को लेकर पहले से ही विभागीय नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन कोई जवाब न मिलने के चलते आखिरकार प्रशासन ने कार्रवाई का रास्ता चुना।

कार्यवाही को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क था। पूरे रामटेक शहर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया, मंदिर परिसर की ओर जाने वाले दोनों प्रमुख मार्गों पर पुलिस बैरियर लगा दिए गए और प्रेस को भी प्रवेश से वंचित रखा गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, प्रशासन रात से ही सक्रिय था और सुबह होते-होते मजारों को पूरी तरह हटाया जा चुका था।

इस कार्रवाई के बाद कुछ समय तक मंदिर में आम श्रद्धालुओं का प्रवेश भी रोक दिया गया था, लेकिन समाचार लिखे जाने तक मंदिर में प्रवेश की अनुमति दे दी गई है। हालांकि पूरे परिसर में सुरक्षा बलों की तैनाती अब भी बनी हुई है और स्थिति पर प्रशासन की पैनी नजर है।

इस घटनाक्रम को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज़ हो गई है। कुछ लोग इसे प्रशासन की सख्ती और कानून व्यवस्था की बहाली बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मामला बताकर विरोध जता रहे हैं। हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रेस बयान जारी नहीं किया गया है।

इस कार्रवाई से पहले कोई सार्वजनिक सूचना नहीं दी गई थी, जिससे क्षेत्र में अचानक हलचल मच गई। धार्मिक और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रियाओं का इंतज़ार किया जा रहा है, और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह मामला राजनीतिक रंग भी ले सकता है।