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Nagpur

जब तक कोई श्रीदेवी बताएगी नहीं गड़करी का साबुन अच्छा है गल्ली की श्रीदेवी उसे ख़रीदेगी नहीं


नागपुर: केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी अपने भाषणों को लेकर अक्सर चर्चा में रहते है,हंसी ठिठोली करते हुए गड़करी कुछ ऐसी बात बोल देते है की कोई भी अपनी हंसी को न रोक पाए.. एक बार फिर कुछ ऐसा ही हुआ एग्रोविजन कृषि प्रदर्शनी के दौरान,जहा गड़करी संतरा और मोसंबी उत्पादक किसानों के लिए आयोजित मार्गदर्शन शिविर में बोल रहे थे... नागपुर के संतरों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर बोलते बोलते गड़करी ने कहा की "जब तक कोई श्रीदेवी यह बताती नहीं की साबुन अच्छा है गल्ली की कोई श्रीदेवी उसका इस्तेमाल करती नहीं" 
गड़करी ने अपने भाषण में जोर दिया की अच्छे उत्पादन के साथ उसकी मार्केटिंग और पैकेजिंग पर खास ध्यान दिए जाने की जरुरत है.मार्केटिंग एक कला है जो उत्पादन हुआ है उसकी मार्केटिंग कैसे की जाती है यह महत्वपूर्ण है.उसके लिए ब्रांडिंग की जानी चाहिए।नागपुर के संतरे का एक ब्रांड किया जाना चाहिए और टीवी पर उसका विज्ञापन किया जाना चाहिए। अगर "नागपुर ऑरेंज" नामक ब्रांड बनाया गया उसकी मार्केटिंग की गयी तो उसके बाद रिलायंस,गोदरेज के साथ हम सबको कहेंगे आप हमारा माल बेचो। माल अच्छा होगा तो मदर डेयरी के माध्यम से दिल्ली में बेचेंगे,अपनी वेबसाईट के माध्यम से बेचेंगे। हम शक्कर से साबुन बनाते है इसके लिए भारत से ज्यादा विदेश में अच्छा मार्केट मिला दाम भी अच्छा मिला "कोई श्रीदेवी जब तक बताएगी नहीं की गड़करी के यहाँ की साबुन से मैं गोरी हुई तब तक गल्ली की श्रीदेवी उसका इस्तेमाल करेगी नहीं"भले वह कितना भी अच्छा हो.क्यूंकि मार्केटिंग एक कला है अच्छा होकर नहीं चलता उसकी मार्केटिंग होनी चाहिए अच्छी पैकेजिंग होनी चाहिए। अच्छा होना उपयोगी नहीं है अच्छा दिखाना उपयोगी है.इसलिए हम सब विदर्भ के संतरे के लिए एक ब्रांड तैयार करेंगे और उसकी अंतरास्ट्रीय मार्केटिंग करेंगे।