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Nagpur

पति भी पत्नी से मेनटेंस पाने का अधिकार रखता है,एक मामले की सुनवाई में हाईकोर्ट टिप्पणी


नागपुर- बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने  हालही में एक मामले की सुनवाई में अहम आदेश दिया है.इस आदेश के मुताबिक पत्नी ही नहीं बल्कि पति भी मेंटेनेंस मांगने का हक़दार हो सकता है.आदेश में स्पष्ट किया है कि हिंदू विवाह अधिनियम 1955 की धारा 24 और 25  के तहत पति और पत्नी दोनों को अपने साथी से मेंटेनेंस मांगने का अधिकार है। इसलिए यह जरुरी नहीं की सिर्फ सिर्फ पत्नी ही मेंटेनेंस मांग सकती है। इसके लिए शर्त यह सुनिश्चित करें की मेंटेनेंस मांगने वाले के पास आजीविका के लिए कोई स्वतंत्र जरिया न हो.

हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अतुल चांदुरकर और न्यायमूर्ति उर्मिला जोशी फलके की खंडपीठ ने मेंटेनेंस को लेकर टिप्पणी की है जिसे आदेश के रूप में देखा जा सकता है. नांदेड़ निवासी एक महिला याचिकाकर्ता की याचिका पर यह फ़ैसला दिया गया.मामला कुछ इस प्रकार है की दंपति का विवाह वर्ष 2006 में हुआ था। बाद में उन्हें एक बेटा और एक बेटी हुए। इसके बाद पति-पत्नी के बीच कलह होने लगी। पत्नी पति को छोड़कर मायके में रहने लगी। इसके बाद पत्नी ने  नांदेड़ के पारिवारिक न्यायालय में पति से मेंटेनेंस के लिए अर्जी दायर की। न्यायालय ने पति को बच्चों की देखभाल के लिए 3 हजार रुपए प्रतिमाह अदा करने का आदेश दिया। लेकिन पत्नी की मेंटेनेंस की अर्जी ठुकरा दी। इस बीच पति ने अदालत में तलाक की अर्जी दायर कर दी, तो पत्नी ने दोबारा मेंटेनेंस की अर्जी लगाई। इस बार भी पत्नी की मेंटेनेंस की अर्जी पर फैसला सुनाए बगैर तलाक मंजूर कर दिया गया। इसके खिलाफ पत्नी ने हाईकोर्ट में अपील दायर की। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद मामले को अकोला पारिवारिक न्यायालय को वापस भेजते हुए पत्नी की मेंटेनेंस की अर्जी पर पुनर्विचार करने का आदेश जारी किया है।