logo_banner
Breaking
  • ⁕ MLC Election: महाविकास आघाड़ी का दबदबा, 5 में से 3 सीटों पर जीत, नागपुर में भाजपा और मुख्यमंत्री को बड़ा झटका ⁕
  • ⁕ अमरावती शिक्षक चुनाव: किरण सरनाईक आगे, दूसरे स्थान पर श्रीकांत देशपांडे ⁕
  • ⁕ Akola: पानी के इस्तेमाल पर पाबंदी, बर्बादी करने पर काटा जाएगा नल कनेक्शन ⁕
  • ⁕ Amravati: राजहंस दूध एजेंसी पर FDA की कार्रवाई, कोजागिरी पूर्णिमा के मद्देनजर खाद्य पदार्थों की जांच तेज ⁕
  • ⁕ Nagpur: एयरपोर्ट पर रिक्शाचालक और सुरक्षा जवानों में विवाद, पार्किंग को लेकर शुरू हुई बहस मारपीट तक पहुंची ⁕
  • ⁕ Nagpur: दिघोरी के यश अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद नवजात की मौत, आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज ⁕
  • ⁕ किसानों की आत्महत्या पर प्रकाश आंबेडकर का विवादित बयान, बोले- पहले 10 नेताओं को मारो, फिर मरो! ⁕
  • ⁕ नागपुर अधिवेशन के खर्च में ₹42 करोड़ की बढ़ोतरी, खर्च ₹86.90 करोड़ से बढ़कर ₹129.05 करोड़ रुपये ⁕
  • ⁕ लाडकी बहनों को ₹3,000 रुपये का इंतजार, सितंबर-अक्टूबर की किस्त अटकी! ⁕
  • ⁕ Yavatmal: दिग्रस में शादी का झांसा देकर धर्मांतरण के लिए दबाव डालने का आरोप, तीन लोगों पर मामला दर्ज ⁕
Nagpur

महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा: दोनों सदनों में सर्वसम्मति से पास हुआ प्रस्ताव


नागपुर: शीतकालीन सत्र में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र-सीमा विवाद को लेकर प्रस्ताव पेश किया। इस प्रस्ताव को विधानसभा सहित विधान परिषद के सभी सदस्यों ने अपना समर्थन देकर सर्वसम्मति से इसे पास किया। प्रस्ताव में कहा गया है कि "बेलगाम, कारवार, बीदर, निपानी, भालकी का हर इंच" महाराष्ट्र का हिस्सा होगा।

प्रस्ताव पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “किसी भी परिस्थिति में महाराष्ट्र के बेलगाम, कारवार, निपानी, भालकी, बीदर शहरों और कर्नाटक के 865 मराठी भाषी गांवों को शामिल करने के लिए सभी आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट में की जाएगी।”  मुख्यमंत्री शिंदे ने कहा, केंद्र सरकार को केंद्रीय गृह मंत्री के साथ बैठक में लिए गए निर्णय को लागू करने के लिए कर्नाटक सरकार से अपील करना चाहिए और सीमावर्ती क्षेत्रों में मराठी लोगों की सुरक्षा की गारंटी सुनिश्चित की जानी चाहिए।