logo_banner
Breaking
  • ⁕ नाना पटोले की भाजपा में होगी वापसी! विधायक परिणय फुके ने किया बड़ा दावा; चर्चाओं का बजार हुआ गर्म ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र में जल संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, राज्य के सभी जलस्रोतों का पानी पीने के लिए किया आरक्षित ⁕
  • ⁕ संवैधनिक संस्थाओ के खिलाफ अविश्वास पैदा करना चाहता है विपक्ष, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- देश में वामपंथी शासन लाना चाहते हैं राहुल गांधी ⁕
  • ⁕ देऊळगांव राजा में दो गुटों में खूनी संघर्ष, नगरसेवक समेत दो की मौत; पुलिस स्टेशन के सामने हुआ बवाल ⁕
  • ⁕ मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे में मतभेद! विजय वडेट्टीवार ने किया बड़ा दावा, मंत्री जायसवाल ने कांग्रेस नेता को दी सधी हुई सलाह ⁕
  • ⁕ त्योहारों पर नागपुर और न्यू अमरावती के यात्रियों को बड़ी राहत, मध्य रेलवे चलाएगा विशेष ट्रेनें ⁕
  • ⁕ Chandrapur: चंद्रपुर का राजा’ गणेश मंडल पर रामनगर पुलिस थाने में FIR ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में शिवसेना यूबीटी ने निकाला मार्च, कर्जमाफी सहित 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद देने की मांग ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Nagpur

Nagpur: गोरेवाड़ा चौक के पास खड़े भारी वाहन बना रहे हादसों का खतरा, रात दो बजे खुली रहती हैं चाय की दुकानें, प्रशासन मौन


नागपुर: गोरेवाड़ा चौक परिसर के पास काटोल नाका से आने वाले मुख्य सड़क के मोड़ बाईं तारीफ खड़े भारी वाहन स्थानीय लोगों के लिए लगातार परेशानी और खतरे का कारण बनते जा रहे हैं। केवल वाहन ही नहीं अपितु यहां स्थित दुकानों के सामान भी सामान्य सड़क की काफी जगह घेरकर रखे हुए नजर आते हैं। इस अव्यवस्था के चलते सड़क पर आने-जाने वाले वाहनों को सामने से आने वाला ट्रैफिक बिल्कुल नजर नहीं आता, जिससे हर दिन दुर्घटना का खतरा बना रहता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह चौक अब “खतरनाक एक्सीडेंट स्पॉट” में बदल चुका है।

रात के समय यह स्थिति और भी भयावह हो जाती है। चौक के आसपास देर रात तक चलने वाली चाय और सिगरेट की दुकानें अनियंत्रित भीड़ और ट्रैफिक अव्यवस्था बढ़ाती हैं। आमतौर पर रात दो बजे तक दुकानें खुली रहती हैं, जिससे क्षेत्र में अनावश्यक आवाजाही बनी रहती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन दुकानों के कारण न सिर्फ शांति भंग होती है, बल्कि असामाजिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल रहा है।

निवासियों का कहना है कि दिन भर में कई बार यहां से पुलिस के वाहन गुजरते हैं, लेकिन इन गतिविधियों के खिलाफ नगर प्रशासन ने अबतक कोई कार्रवाई नहीं की है। नागरिकों का कहना है कि वह प्रशासन द्वारा स्वयं संज्ञान लेकर कार्रवाई किए जाने का इतंजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि क्या हर बार, जो चीज आंखों के सामने नजर आ रही है उसकी भी शिकायत का इंतजार प्रशासन क्यों कर रहा है। कई लोग तो अब इस मार्ग से रात के समय में गुजरने से भी कतराने लगे हैं। इस मार्ग पर सामान से लदे ट्रक स्कूली बस, निजी चार पहिया, दुपहिया वाहनचालक गुजरते हैं, सभी को इन खड़े हुए भारी वाहन से आगे का कुछ दिखाई नहीं पड़ता।

पुलिस की ओर से कभी-कभार पेट्रोलिंग तो की जाती है, लेकिन इन समस्याओं पर कोई स्थायी रोक नहीं लगाई गई है। लोगों की मांग है कि प्रशासन को तत्काल इसका संज्ञान लेकर सख्त कार्यवाही सुनिश्चित करनी चाहिए। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि गोरेवाड़ा चौक की यह समस्या अब सिर्फ आवाजाही का ही मुद्दा नहीं रह गई, बल्कि जनसुरक्षा का सवाल भी बन चुकी है।