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Nagpur: सामान वेतन सहित विभिन्न लंबित मांगों को लेकर न्यायिक कर्मचारी संघ का प्रदर्शन


नागपुर: नागपुर के सिविल लाइंस स्थित फैमिली कोर्ट परिसर में शनिवार को न्यायिक कर्मचारी संघ ने अपनी लंबित विभिन्न मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुई, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे।   

महाराष्ट्र के न्यायिक कर्मचारियों ने वेतन वृद्धि समेत विभिन्न लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने का फैसला किया है। महाराष्ट्र राज्य न्यायिक कर्मचारी महासंघ और संबंधित संगठनों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर 17 नवंबर 2026 से राज्य के सभी संबंधित अधीनस्थ न्यायालयों के कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे। इस आंदोलन में राज्य के करीब 34 हजार न्यायिक कर्मचारियों के शामिल होने का दावा किया गया है।

वेतन वृद्धि का प्रस्ताव लंबित होने से नाराजगी

न्यायिक कर्मचारियों के अनुसार, समान काम के लिए समान वेतन और बॉम्बे हाई कोर्ट के कर्मचारियों के संशोधित वेतनमान के आधार पर वेतन वृद्धि की मांग लंबे समय से लंबित है। इस संबंध में बॉम्बे हाई कोर्ट ने 31 जनवरी 2025 को महाराष्ट्र सरकार को प्रस्ताव भेजा था। हालांकि, कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि सरकार ने अब तक इस प्रस्ताव पर अपेक्षित निर्णय नहीं लिया है।

कर्मचारी संगठनों ने पुरानी पेंशन योजना लागू करने, विभिन्न आयोगों की सिफारिशों को अमल में लाने, पदोन्नति से जुड़ी शर्तों में सुधार करने, सेवा संबंधी समस्याओं का समाधान करने और संवेदनशील न्यायिक कार्यों के लिए संविदा कर्मचारियों के स्थान पर नियमित नियुक्तियां करने जैसी मांगें भी उठाई हैं। इसके अलावा, कर्मचारियों की सेवा संबंधी शिकायतों के निपटारे के लिए स्वतंत्र न्यायाधिकरण स्थापित करने की मांग भी की गई है।

चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान

महाराष्ट्र राज्य न्यायिक कर्मचारी महासंघ (ग्रुप-सी) की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, 16 अगस्त को हुई विशेष बैठक में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने आंदोलन की रूपरेखा तय की थी। इसके तहत 16 सितंबर को एक दिन और 16 व 17 अक्टूबर को दो दिन काली पट्टी बांधकर काम करने का निर्णय लिया गया है। संघ ने चेतावनी दी है कि इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं होने पर महाराष्ट्र में बॉम्बे हाई कोर्ट के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी संबंधित अधीनस्थ न्यायालयों के कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे।