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Nagpur

NGT की बड़ी कार्रवाई, पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने को लेकर महाराष्ट्र सरकार पर लगाया 12,000 करोड़ का जुर्माना


नागपुर: पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने और सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के नियमों का पालन नहीं करने को लेकर राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (National Green Tribunal) ने महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। एनजीटी ने अधिनियम की धारा 15 के तहत ठोस और अपशिष्ट प्रबंधन का पालन न करने के लिए सरकार पर 12,000 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। इसी के साथ संस्था ने दो महीने के अंदर जुर्माने की रकम जमा करने का आदेश दिया है। 

एनजीटी ने आदेश देते हुए कहा कि, "राज्य में ठोस अपशिष्ट और तरल अपशिष्ट प्रबंधन का कार्य उस सीमा तक नहीं किया गया है, जिसकी आवश्यकता थी। पर्यावरण से जुड़े जो काम होने थे, वे नहीं किए गए। इस संबंध में राज्य सरकार को समय सीमा दी गई थी, जो भी समाप्त हो गई है।" इसी के साथ पूर्व में भी हुए पर्यावरणीय नुकसान भरपाई करने का आदेश भी एनजीटी ने महाराष्ट्र सरकार को दिया है। एनजीटी ने आगे कहा कि, भविष्य में भी इसे रोकना संभव होना चाहिए। 

पर्यावरण संरक्षण के लिए करें उपयोग 


एनजीटी ने कहा कि, जुर्माने की राशि को पर्यावरण का संरक्षण करते हुए यह ग्रामीण क्षेत्रों में अपशिष्ट प्रबंधन, सीवेज प्रबंधन और पुनर्चक्रण प्रणाली, गुणवत्ता निगरानी प्रणाली, कीचड़ प्रबंधन पर खर्च की जानी चाहिए। इसी के साथ ही राज्य में 84 स्थानों पर ठोस कचरा प्रबंधन परियोजना स्थापित करने का सुझाव भी दिया। संस्था ने मुख्य सचिव के निर्देशानुसार पर सभी काम करने का आदेश दिया है। 

समयबद्ध कार्यक्रमों को करें लागू 


एनजीटी ने मुख्य सचिव को दिए आदेशानुसार, पर्यावरण रक्षा के लिए समयबद्ध तरीके से पूर्ण होने वाले कार्यक्रमों को लागू करने का आदेश दिया है। हालांकि पर्यावरण वादियों ने कहा कि, जुर्माना लगने के बाद सरकार पर्यावरण की सुरक्षा करने के लिए कोई कानून लाएगी या पहले की तरह बैठे रहेगी।