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Nagpur

एनआईटी भूमि प्राधिकरण: जितेन्द्र आव्हाड ने मुख्यमंत्री पर बोला हमला, कहा- अधिकारियों के भरोसे होंगे कई गलत फैसले


नागपुर: नागपुर सुधार प्रन्यास भूमि आवंटन मामले को लेकर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे लगातार विपक्षी दलों के निशाने पर हैं। शिवसेना, एनसीपी सहित तमाम नेता मुख्यमंत्री से इस्तीफा देने मांग कर रहे हैं। वहीं मुख्यमंत्री ने सफाई देते हुए कहा कि, अधिकारियों ने इसको लेकर कोई जानकारी नहीं दी थी। मुख्यमंत्री के इस बयान पर एनसीपी नेता जितेंद्र आव्हाड ने उनकी आलोचना की है। आव्हाड ने कहा, "अगर अधिकारियों पर भरोसा कर मुख्यमंत्री निर्णय लेते हैं इसका मतलब वह भविष्य में भी कई गलत फैसले ले सकते हैं।"

जितेंद्र अवध ने विधान भवन क्षेत्र में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि, "कैग की आपत्ति के बाद मामला कोर्ट में गया था। गिलानी कमेटी ने प्लॉटों के आवंटन के लिए नकारात्मक सिफारिश दी थी। नागपुर सुधार समूह के दो अध्यक्षों की राय भी नकारात्मक है। कोर्ट में केस होने पर भी मुख्यमंत्री ने प्लॉट कम कीमत पर देने का आदेश दिया।

अब मुख्यमंत्री का कहना है कि ,"मामला कोर्ट में है इसकी जानकारी अधिकारी नहीं लाए हैं। निर्णय लेते समय मुख्यमंत्री को हर बात पर विचार करना होता है। कल अगर अधिकारी उनके सामने कोई फाइल रखेंगे तो वे मिराज क्षेत्र को कर्नाटक को दे देंगे और बिना कोई जानकारी दिए कहेंगे कि यह क्षेत्र महाराष्ट्र में है।"

एनसीपी नेता राज्य सरकार पर लोकतंत्र की हत्या करने का आरोप लगाते हुए कहा कि, "मुख्यमंत्री इस मामले में फंस गए हैं। लेकिन अध्यक्ष की आड़ में चर्चा से बचा जा रहा है। इसपर चर्चा होगी तो पूरी सच्चाई सामने आ जायेगी।"