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NIT Plot Case: बॉम्बे हाईकोर्ट से मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को बड़ी राहत, अदालत ने मामला किया रद्द


नागपुर: नागपुर सुधार प्रन्यास मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को बड़ी राहत दी है। नागपुर सुधार प्रन्यास भूमि आवंटन मामले में अदालत ने दायर याचिका पर अपना आदेश दे दिया है। जिसमें अदालत ने मुख्यमंत्री के पक्ष में अपना फैसला सुनाया। 

राज्य सरकार ने नागपुर के हरपुर में आरक्षित भूमि के 16 भूखंडों को नियमित करने के विवादास्पद आदेश को वापस ले लिया। साथ ही इस संबंध में गुरुवार को बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच में एक हलफनामा भी दायर किया गया था। नागपुर बेंच ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के इस आदेश पर संतोष जताया है। राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील मनोहर व वरिष्ठ अधिवक्ता एस. के. मिश्रा ने अदालत में पक्ष रखा।

आख़िर मामला क्या है?

नागपुर इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट (एनआईटी) ने झुग्गीवासियों के पुनर्वास के लिए नागपुर के हरपुर इलाके में जमीन का अधिग्रहण किया। 2021 में तत्कालीन शहरी विकास मंत्री एकनाथ शिंदे ने इन भूखंडों को नियमित कर न्यूनतम लागत पर 16 लोगों को पट्टे पर देने का निर्देश दिया था. बाजार भाव के हिसाब से इस जमीन की कीमत करीब 83 करोड़ रुपए है। हालांकि एकनाथ शिंदे ने आदेश दिया था कि इस जमीन को 16 लोगों को सिर्फ 2 करोड़ में लीज पर दिया जाए। विपक्ष ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की यह साजिश एक घोटाला है।

विपक्ष मांग रहा था मुख्यमंत्री से इस्तीफा 

जब से शीतकालीन सत्र शुरू हुआ है तब से विपक्षी महाविकास अघाड़ी राज्य सरकार पर हमलावर है। विपक्षी दल लगातार मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से इस्तीफा देने की मांग कर रहे थे। विपक्षी मुख्यमंत्री पर नगर विकास मंत्री रहते अपने पद का दुरूपयोग करते हुए गरीबों की लिए आवंटित जमीन कौड़ियों के दाम पर बिल्डरों को देने का आरोप लगा रहे थे।