logo_banner
Breaking
  • ⁕ मंथन फॉर युवा अभियान का हुआ समापन, CM फडणवीस बोले- युवाओं के सपनो को मिलेगी नई दिशा; एक साथ 4100 युवाओं ने किया ढोल-ताशा का वादन कर बनाया विश्व रिकॉर्ड ⁕
  • ⁕ राहुल गांधी के महिला अधिकार वाले बयान पर CM फडणवीस का पलटवार, बोले- ‘खाने के दांत अलग, दिखाने के अलग’ ⁕
  • ⁕ समृद्धी-शक्तिपीठ महामार्ग को लेकर विजय वडेट्टीवार के गंभीर आरोप, बोले- ‘जनता को समृद्धि मिलेगी या ठेकेदारों को?’ ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी ग्रामीण अस्पताल में सर्पदंश के मरीज को पीठ पर ले जाने का वीडियो वायरल; बदइंतजामी के आरोपों पर अस्पताल प्रशासन ने पेश की असलियत ⁕
  • ⁕ "हम शिक्षक हैं, व्यापारी नहीं!" तुकाराम मुंढे के आदेश पर भड़के शिक्षक, मिड-डे मील के FSSAI लाइसेंस को लेकर छिड़ा नया विवाद ⁕
  • ⁕ छात्रों की गूंज पर सियासत तेज, मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया राहुल गांधी का ‘री-लॉन्च कार्यक्रम; छात्रों और इंफ्लुएंसर्स को पैसे देकर बुलाने का किया दावा ⁕
  • ⁕ Akola: महीने भर से बारिश की बेरुखी से सोयाबीन की फसल पर संकट, उत्पादन में 50% से अधिक गिरावट की आशंका ⁕
  • ⁕ Chandrapur: मुस्लिम युवती ने किया श्रीमद्भगवद्गीता का उर्दू अनुवाद, 3 महीने में पूरा किया अनोखा कार्य ⁕
  • ⁕ Nagpur: शराब को लेकर पति-पत्नी में हुआ विवाद, महिला की जान गई; पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Nagpur: 8 साल की बच्ची से कोच ने की छेड़खानी, पुलिस ने आरोपी कोच को किया गिरफ्तार ⁕
Nagpur

हमारा उम्मीदवार 51 % मत लेकर जीतने वाला था लेकिन संस्कृति को जीवित ऱखने हम पीछे हटे- बावनकुले 


नागपुर- अँधेरी उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने अपने उम्मीदवार को हटा लिया है.नागपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा की राज्य की राजनीतिक संस्कृति और भाजपा की संवेदनशीलता का विचार जिंदा रहे इसलिए यह निर्णय लिया गया है.उन्होंने बताया की पार्टी के केंद्रीय और राज्य नेतृत्व ने उप चुनाव से पीछे हटने का स्वागत किया है.वैसे भी आम चुनाव के लिए एक साल का समय बचा है इसलिए हमने यह निर्णय लिया है.वैसे उन्होंने चुनाव लड़ने की सूरत में भाजपा के उम्मीदवार को 51 % मत लेकर और 100 फ़ीसदी जीत का दावा किया। पार्टी के इस निर्णय के बाद भाजपा के उम्मीदवार मुरजी पटेल अपना दावा वापस लेंगे। बावनकुले ने बताया की भाजपा निर्दलीय तौर पर भी चुनाव नहीं लड़ेगी। इससे पहले भी कई ऐसे उदहारण हुए है जब किसी विधायक के निधन के बाद हुए चुनाव में उसके परिवार के किसी व्यक्ति को जिताने में भाजपा ने संवेदनशीलता दिखाते हुए क़दम पीछे लिए है.यह परंपरा अटल बिहारी वाजपेयी के समय से चली आ रही है.