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Nagpur

कुत्ता पालने से पहले मनपा से लेनी होगी इजाजत, नहीं करने पर देना पड़ेगा 5000 का जुर्माना


नागपुर: बॉम्बे हाई कोर्ट के नागपुर खंडपीठ के आदेश पश्चायत नागपुर महानगर पालिका ने शहर में श्वनो को पालने के लिए नियम तय कर दिए हैं। जिसके तहत अब किसी को अगर अपने घर में कुत्ता पालने से पहले मनपा में रजिस्ट्रेशन कराना पड़ेगा। इसके लिए उसे नागरिकों को एक साल के लिए 500 रूपये देना पड़ेगा। यही नहीं जो बिना अनुमति श्वनो को पालता है उसके खिलाफ कार्रवाई करते हुए 5000 का जुर्माना देना पड़ेगा। यह जुर्माना सभी प्रकार के कुत्तों पर लागू होगा।

ज्ञात हो कि, पिछले दिनों उच्च न्यायालय ने आवारा श्वनो को लेकर मनपा को फटकार लगाई थी। वहीं सड़कों पर घूमते हुए इन आवारा जानवरों की व्यवस्था करने का निर्देश दिया था। मनपा द्वारा जारी नियमों के अनुसार, एक परिवार अधिकतम 3 कुत्तों का पंजीकरण कर सकता है। 3 से अधिक कुत्तों वाले परिवार को मनपा से एक विशेष परमिट लेना होगा।

नागरिकों में परमिट के लिए दस्तावेज भी जमा कराना पड़ेगा।  कुत्तो को रजिस्ट्रेशन करने से पहले रेबीज का इंजेकशन लगाना अनिवार्य है। इसी के साथ एक पंजीकृत पशु चिकित्सक से किया हुआ टीकाकरण प्रमाणपत्र मनपा में जमा करना पड़ेगा। मनपा ने देसी नस्ल के कुत्तो को पालने वालों को छूट देने का ऐलान किया है। जिसके तहत ऐसे लोगों को रजिस्ट्रेशन में केवल 200 रूपये देने पड़ेंगे।

नसबंदी का प्रमाण पत्र भी देना होगा

रजिस्ट्रेशन के दौरान कुत्ता पालने वालों को नसबंदी का भी प्रमाणपत्र देना पड़ेगा। इस दौरान किसी ने नसबंदी का फर्जी प्रमाणपत्र जमा किया तो उसपर कड़ी कार्रवाई करते हुए 20 हजार का जुर्माना देना पड़ेगा। यदि जांच में यह पाया जाता है कि प्रमाण पत्र बिना न्यूट्रिंग सर्जरी के दिया गया है, तो संबंधित पशु चिकित्सक पर भी 20,000 रूपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

एक साल तक मान्य रहेगा रजिस्ट्रेशन

कुत्ता पालने वालों को अधिसूचना जारी होने के तीन महीने के अंदर रजिस्ट्रेशन कराना पड़ेगा। वहीं इसके बाद कोई रजिस्ट्रेशन करता है तो उसपर पांच रूपये लेट फीस देना पड़ेगा। नागरिक एक अप्रैल से 30 अप्रैल तक रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। यह केवल एक साल के लिए मान्य होगा, इसके बाद हर साल रजिस्ट्रेशन करना पड़ेगा।

 इस 18 पॉइंट की गाइडलिन को जरूर ध्यान से देखें

  • नागपुर शहर में सभी श्वान मालिकों को अपने पालतू श्वान का महानगर पालिका से पंजीयन करना बंधनकारक होगा 
  • श्वान के पंजीयन के लिए 500 रूपए प्रतिवर्ष शुल्क लिया जाएगा 
  • एक परिवार अधिकतम तीन श्वान के लिए पंजीयन करवा सकता है अगर कोई तीन से अधिक श्वान पालना चाहता है तो उसे विशेष परमिट की आवश्यकता होगी 
  • श्वान के पंजीयन के बाद एक लाइसेंस लेना होगा जिसके लिए कुछ दस्तावेज जमा कराने होंगे 
  • पंजीयन के समय यह सुनिश्चित करना होगा की श्वान को रेबीज का टीका लगा है और पंजीकृत पशु चिकित्सक से टीकाकरण का प्रमाणपत्र जमा कराना होगा 
  • अगर कोई व्यक्ति देसी नस्ल के कुत्ते को पालता है तो उसे 200 रूपए पंजीयन शुल्क ( रस्जिट्रेशन फ़ीस ) वार्षिक जमा करानी होगी।
  • अगर देसी नस्ल के श्वान को पालने वाला व्यक्ति नसबंदी सर्जरी करवायेगा और यह हामी देगा की उसके श्वान की वजह से श्वान की जनसँख्या नहीं बढ़ेगी तो उसका पंजीयन शुल्क पूरी तरह से माफ़ कर दिए जायेगा।
  • भारतीय श्वान के अलावा अन्य नस्ल के श्वान का पालक अगर यह हामी देता है की उसके श्वान से आबादी नहीं बढ़ेगी तो पंजीयन शुल्क सिर्फ 200 रूपए ही लिया जायेगा।
  • यदि नसबंदी,प्रमाणपत्र गलत दिया जाता है.इसमें जो दोषी होगा श्वान पालक या चिकित्सक तो 20 हजार रूपए तक का जुर्माने का प्रावधान रहेगा।
  • श्वान के पंजीयन से संबंधित महानगर पालिका की सार्वजनिक अधिसूचना जारी हो जाने के 3 महीने के अंदर शहर के सभी पालतू श्वान का पंजीयन करवाना जरुरी रहेगा।
  • श्वान के लिए जारी होने वाले पंजीयन की समयावधि 1 अप्रैल से 31 मार्च तक मान्य रहेगी।
  • हर साल 1 अप्रैल से 30 अप्रैल के दौरान रजिस्ट्रेशन करवाने की व्यवस्था मनपा द्वारा की जायेगी।
  • यदि कोई बिना अनुमति के श्वान को पलता है तो उसे पहले नोटिस जारी किये जायेगा। अगर फिर भी नियमों को पूरा नहीं किया जाता है तो श्वान के मालिक से 5 हजार रूपए का जुर्माना वसूला जायेगा।
  • जुर्माने से संबंधित यह नियम देसी-विदेशी सभी नस्ल के कुत्तों पर लागू होगा।
  • मनपा के सभी क्षेत्रीय कार्यालयों में श्वान से सम्बंधित पंजीयन कराये जाने की व्यवस्था होगी। इससे सम्बंधित शिकायतों के निपटारे और कार्रवाई के लिए अधिकारी-कर्मचारियों की नियुक्ति होगी।
  • मालिक अगर श्वान की पहचान को प्रदर्शित करने की व्यवस्था करे तो बेहतर रहेगा।
  • और श्वान को घर से बाहर टहलाने घुमाने के समय वह कहीं गंदगी न करे यह मालिक को सुनिश्चित करना रहेगा यह उसकी जिम्मेदारी भी होगी।