logo_banner
Breaking
  • ⁕ सैंड इस्तेमाल को बढ़ावा देने राज्य में नई पॉलिसी लागू; राजस्वमंत्री बावनकुले ने की घोषणा, शर्तें तोड़ने पर लाइसेंस होगा रद्द ⁕
  • ⁕ लावणी पर थिरकी एनसीपी अजित पवार गुट! पार्टी कार्यालय के भीतर नाच-गाने पर बवाल, आलाकमान ने अध्यक्ष अहिरकर से माँगा स्पष्टीकरण ⁕
  • ⁕ Buldhana: कंस्ट्रक्शन वर्कर के नाम पर फर्जी प्रमाणपत्र बनाकर वसूली, दो ऑनलाइन सेंटरों पर छापा, लेबर विभाग की बड़ी कार्रवाई ⁕
  • ⁕ Saoner: सावनेर के चंपा शिवार में सड़ी-गली हालत में मिला शव, खापरखेड़ा से गुमशुदा व्यक्ति की हुई पहचान ⁕
  • ⁕ Buldhana: जिले में बेमौसम बारिश ने दी दस्तक, कटाई के सीजन में फसलों को भारी नुकसान का खतरा ⁕
  • ⁕ Chandrapur: केसला घाट इलाके में बाघ ने बाइक सवार पर किया हमला, लोगों में डर का माहौल ⁕
  • ⁕ Amravati: कमुंजा फाटा के पास तेज़ रफ़्तार बस ने बाइक को मारी टक्कर, हादसे में एक की मौत, एक गंभीर ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Nagpur

ओबीसी समाज को आरक्षण का संवैधानिक अधिकार देकर नाराजगी को कम करना चाहिए


नागपुर: वरिष्ठ ओबीसी नेता छगन भुजबल ने मांग कि है की ओबीसी समाज को संविधान द्वारा दिए गए 27 फ़ीसदी आरक्षण को स्थाई रूप से दे दिया जाना चाहिए। उनके मुताबिक आरक्षण नहीं मिलने की वजह से ओबीसी समाज में रोष व्याप्त है और संविधान में दी गयी 50% आरक्षण की सीमा वैसे ही तोड़ी जा चुकी है.उनका कहना है की इकोनोमिकल बैकवर्ड क्लास को 10 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने की वजह से आरक्षण की सीमा 60 % फीसदी हो चुकी है.इसके साथ आदिवासी समाज को जनसंख्या के आधार पर आरक्षण दिया जाता है जिस वजह से राज्य में हर जगह ओबीसी समाज को 27% आरक्षण नहीं मिल रहा है.मराठा समाज के आरक्षण का विषय भी लंबित है.ऐसे में आरक्षण के विषय का स्थाई समाधान निकालकर ओबीसी को संविधान में दिए गए अधिकार को दिया जाना चाहिए। मौजूदा व्यवस्था से 54% जनसंख्या ही हिस्सेदारी होने के बावजूद ओबीसी समाज को 27% आरक्षण नहीं मिल रहा है.

मुख्यमंत्री जब नगर विकास मंत्री थे तब प्रभाग रचना लेकर आये थे अब उसे बदल दिया गया 
राज्य सरकार ने नए सिरे से प्रभाग रचना निकाले जाने का निर्णय लिया है.इस पर छगन भुजबल ने कहा की उन्हें समझ में नहीं आ रहा है ऐसा क्यों किया जा रहा है.क्यूंकि पिछली बार मौजूदा मुख्यमंत्री जो नगर विकास मंत्री थे तब उन्होंने प्रभाग रचना लायी थी.हम उन्हें कह रहे थे की प्रभाग रचना दो सदस्यों की की जाये नहीं तो चार की लेकिन उन्होंने तीन सदस्यीय प्रभाग रचना का फॉर्म्युला लाया मुझे समझ में नहीं आता की ऐसा क्यों किया गया था और अब नयी प्रभाग रचना क्यों की जा रही है?