logo_banner
Breaking
  • ⁕ सैंड इस्तेमाल को बढ़ावा देने राज्य में नई पॉलिसी लागू; राजस्वमंत्री बावनकुले ने की घोषणा, शर्तें तोड़ने पर लाइसेंस होगा रद्द ⁕
  • ⁕ लावणी पर थिरकी एनसीपी अजित पवार गुट! पार्टी कार्यालय के भीतर नाच-गाने पर बवाल, आलाकमान ने अध्यक्ष अहिरकर से माँगा स्पष्टीकरण ⁕
  • ⁕ Buldhana: कंस्ट्रक्शन वर्कर के नाम पर फर्जी प्रमाणपत्र बनाकर वसूली, दो ऑनलाइन सेंटरों पर छापा, लेबर विभाग की बड़ी कार्रवाई ⁕
  • ⁕ Saoner: सावनेर के चंपा शिवार में सड़ी-गली हालत में मिला शव, खापरखेड़ा से गुमशुदा व्यक्ति की हुई पहचान ⁕
  • ⁕ Buldhana: जिले में बेमौसम बारिश ने दी दस्तक, कटाई के सीजन में फसलों को भारी नुकसान का खतरा ⁕
  • ⁕ Chandrapur: केसला घाट इलाके में बाघ ने बाइक सवार पर किया हमला, लोगों में डर का माहौल ⁕
  • ⁕ Amravati: कमुंजा फाटा के पास तेज़ रफ़्तार बस ने बाइक को मारी टक्कर, हादसे में एक की मौत, एक गंभीर ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Nagpur

Nagpur: नागपुर मेट्रो और महानगर पालिका की बस सेवा के लिए बनाए गए एप को किया जाएगा इंटीग्रेट


नागपुर: मेट्रो और नागपुर महानगर पालिका की बस सेवा के लिए बनाये गए एप को एकीकृत किया जाने वाला है. ये काम लगभग पूरा हो चुका है. महा मेट्रो के निदेशक (स्ट्रेटजिक प्लानिंग एंड ऑपरेशन) अनिल कोकाटे ने बताया कि यात्रियों को फर्स्ट माइल-लास्ट माइल कनेक्टिविटी के देने के लिए दोनों एप को आपस में जोड़ा जा रहा है. ये सेवा जल्द ही यात्रियों को मिलने लगेगी. 

नागपुर शहर में चलने वाली मेट्रो में मौजूदा समय में 50% से अधिक टिकट की बिक्री ऑनलाइन हो रही है. जबकि दूसरी तरफ नागपुर महानगर पालिका की आपली बस के ऑपरेशन की जिम्मेदारी संभालने वाली कंपनी चलो एप के माध्यम से 30% से अधिक बस यात्री ऑनलाइन टिकट खरीद रहे है. ये स्थिति बताती है कि नागपुर शहरवासी डिजिटल पेमेंट के लिए कितने जागरूक है. इसी के बीच मेट्रो और शहर बस सेवा के एप को आपस में एकीकृत किये जाने का निर्णय दोनों एजेंसियों ने लिया है. 

महा मेट्रो के मुताबिक ऐसा हो जाने से जहां मेट्रो और बस दोनों में सफर करने वाले यात्रियों को फ़स्ट माइल-लास्ट माइल कनेक्टिविटी हासिल होगी तो वही दूसरी ओर डिजिटल पेमेंट में भी बढ़ोतरी होगी. मेट्रो के मुताबिक फ़िलहाल उसके 50 % से अधिक टिकट ऑनलाइन बिक रहे है इस वर्ष इसे 65% तक ले जाने का लक्ष्य है. इसी के चलते इस तरह के प्रयोग किये जा रहे है.