logo_banner
Breaking
  • ⁕ मंथन फॉर युवा अभियान का हुआ समापन, CM फडणवीस बोले- युवाओं के सपनो को मिलेगी नई दिशा; एक साथ 4100 युवाओं ने किया ढोल-ताशा का वादन कर बनाया विश्व रिकॉर्ड ⁕
  • ⁕ राहुल गांधी के महिला अधिकार वाले बयान पर CM फडणवीस का पलटवार, बोले- ‘खाने के दांत अलग, दिखाने के अलग’ ⁕
  • ⁕ समृद्धी-शक्तिपीठ महामार्ग को लेकर विजय वडेट्टीवार के गंभीर आरोप, बोले- ‘जनता को समृद्धि मिलेगी या ठेकेदारों को?’ ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी ग्रामीण अस्पताल में सर्पदंश के मरीज को पीठ पर ले जाने का वीडियो वायरल; बदइंतजामी के आरोपों पर अस्पताल प्रशासन ने पेश की असलियत ⁕
  • ⁕ "हम शिक्षक हैं, व्यापारी नहीं!" तुकाराम मुंढे के आदेश पर भड़के शिक्षक, मिड-डे मील के FSSAI लाइसेंस को लेकर छिड़ा नया विवाद ⁕
  • ⁕ छात्रों की गूंज पर सियासत तेज, मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया राहुल गांधी का ‘री-लॉन्च कार्यक्रम; छात्रों और इंफ्लुएंसर्स को पैसे देकर बुलाने का किया दावा ⁕
  • ⁕ Akola: महीने भर से बारिश की बेरुखी से सोयाबीन की फसल पर संकट, उत्पादन में 50% से अधिक गिरावट की आशंका ⁕
  • ⁕ Chandrapur: मुस्लिम युवती ने किया श्रीमद्भगवद्गीता का उर्दू अनुवाद, 3 महीने में पूरा किया अनोखा कार्य ⁕
  • ⁕ Nagpur: शराब को लेकर पति-पत्नी में हुआ विवाद, महिला की जान गई; पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Nagpur: 8 साल की बच्ची से कोच ने की छेड़खानी, पुलिस ने आरोपी कोच को किया गिरफ्तार ⁕
Nagpur

Nagpur: ग्रीन ट्रिब्यूनल के रडार पर फुटाला तालाब की खराब स्थिति, मनपा को जवाब दाखिल करने का निर्देश


नागपुर: शहर के प्रसिद्ध फुटाला तालाब की बिगड़ती हालत राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की जाँच के घेरे में आ गई है। एनजीटी की पुणे पीठ ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए नागपुर महानगर पालिका को नोटिस जारी कर 3 सितंबर तक विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. विजय कुलकर्णी ने की। 

शहरवासियों के लिए पसंदीदा मनोरंजन स्थल फुटाला तालाब, उपेक्षा, रखरखाव की कमी और उचित सुविधाओं के अभाव के कारण अपना आकर्षण खो चुका है। महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एमपीसीबी) की 18 जुलाई, 2023 की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि निरीक्षण के दौरान, तालाब और उसके आसपास भारी मात्रा में प्लास्टिक और अन्य कचरे के साथ पानी प्रदूषित पाया गया। इसके बाद, एमपीसीबी ने एनएमसी को एक पत्र भेजकर जवाब माँगा। हालाँकि, मनपा ने कथित तौर पर कोई जवाब नहीं दिया, जिसके बाद एमपीसीबी ने मामला एनजीटी के समक्ष प्रस्तुत किया। 

न्यायाधिकरण ने पाया कि तालाब परिसर में लोगों के बैठने की उचित व्यवस्था सहित बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। मनपा के वकील, एडवोकेट गिरीश कुंटे ने न्यायाधिकरण को विस्तृत जवाब देने के लिए और समय माँगा, जो उन्हें दे दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 4 सितंबर को होगी।