logo_banner
Breaking
  • ⁕ नाना पटोले की भाजपा में होगी वापसी! विधायक परिणय फुके ने किया बड़ा दावा; चर्चाओं का बजार हुआ गर्म ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र में जल संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, राज्य के सभी जलस्रोतों का पानी पीने के लिए किया आरक्षित ⁕
  • ⁕ संवैधनिक संस्थाओ के खिलाफ अविश्वास पैदा करना चाहता है विपक्ष, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- देश में वामपंथी शासन लाना चाहते हैं राहुल गांधी ⁕
  • ⁕ देऊळगांव राजा में दो गुटों में खूनी संघर्ष, नगरसेवक समेत दो की मौत; पुलिस स्टेशन के सामने हुआ बवाल ⁕
  • ⁕ मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे में मतभेद! विजय वडेट्टीवार ने किया बड़ा दावा, मंत्री जायसवाल ने कांग्रेस नेता को दी सधी हुई सलाह ⁕
  • ⁕ त्योहारों पर नागपुर और न्यू अमरावती के यात्रियों को बड़ी राहत, मध्य रेलवे चलाएगा विशेष ट्रेनें ⁕
  • ⁕ Chandrapur: चंद्रपुर का राजा’ गणेश मंडल पर रामनगर पुलिस थाने में FIR ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में शिवसेना यूबीटी ने निकाला मार्च, कर्जमाफी सहित 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद देने की मांग ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Nagpur

नंदीग्राम एक्सप्रेस में उठने लगा धुआं, नागपुर मंडल के कर्मचारियों की सूझबूझ से टली बड़ी दुर्घटना


नागपुर: मध्य रेल के नागपुर मंडल अंतर्गत आने वाले पिम्पलखुटी स्टेशन पर सोमवार सुबह एक संभावित रेल हादसा ऐन वक्त पर टल गया, जब नंदीग्राम एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 11001) के एक कोच से धुआं उठता देख कर्मचारियों ने तुरंत कार्रवाई की।

घटना सुबह 9:23 बजे की है, जब नंदीग्राम एक्सप्रेस स्टेशन पर पहुंची। उसी समय स्टेशन मास्टर अमित शिंदे और प्वाइंटमैन हेमराज की नजर कोच A1 (CR 104644) के नीचे से उठते धुएं पर पड़ी। दोनों ने बिना समय गंवाए स्थिति की जांच की तो सामने आया कि कोच के स्प्रिंग के ऊपर लगे रबर कंपोनेंट में आग लग चुकी थी।

घटना की गंभीरता को समझते हुए तुरंत लोको पायलट, गार्ड और स्टेशन कंट्रोल रूम को सूचित किया गया। इसी बीच हेमराज ने तत्परता दिखाते हुए फायर एक्सटिंग्विशर लेकर आग बुझाने की प्रक्रिया शुरू कर दी।

हालांकि शुरुआत में दो फायर एक्सटिंग्विशर से आग पूरी तरह नहीं बुझी, लेकिन कर्मचारियों ने हार नहीं मानी। लगातार प्रयास करते हुए कुल 8 से 9 फायर एक्सटिंग्विशर की मदद से आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया।

सुरक्षा के दृष्टिकोण से कोच S1 को तत्काल आइसोलेट कर दिया गया। पूरी ट्रेन की बारीकी से जांच की गई और जब गार्ड ने ट्रेन को सुरक्षित घोषित किया, तब उसे 10:05 बजे रवाना किया गया। इस पूरी प्रक्रिया में करीब 42 मिनट की देरी हुई, लेकिन एक बड़ा हादसा टल गया।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ऑन ड्यूटी कर्मचारियों की सतर्कता, त्वरित निर्णय और प्रशिक्षण के चलते इस संभावित दुर्घटना को समय रहते टाल लिया गया। इस बहादुरी और सेवा भावना के लिए दोनों कर्मचारियों की सराहना की जा रही है।