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Nagpur

उमरेड रोड भूमि आवंटन: जितेंद्र आव्हाड ने शिंदे पर लगाया करप्शन का आरोप, कहा- मंत्री रहते किया पद का दुरूपयोग


नागपुर: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री जितेंद्र आव्हाड ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर शहरी विकास मंत्री रहते अपने पद का दुरपयोग करने का आरोप लगाया है। एक निजी समाचार चैनल से बात करते हुए अव्हाड ने कहा, “एकनाथ शिंदे जब शहरी विकास मंत्री थे तब कुछ लोग उनसे मिले थे। उस वक्त उन्होंने यह जमीन 16 लोगों को दो करोड़ रुपये में दी थी। आज इस जमीन की कीमत 100 करोड़ से भी ज्यादा है। क्या नगर विकास मंत्री इस प्रकार से भूमि का आवंटन कर सकते हैं जबकि मामला विचाराधीन है? इस मौके पर ऐसा सवाल उठता है। यह स्पष्ट है कि एकनाथ शिंदे ने अपने अधिकार का दुरुपयोग किया है।”

आख़िर मामला क्या है?

झुग्गीवासियों के पुनर्वास के लिए एनएनआईटी द्वारा उमरेड रोड, नागपुर की भूमि का अधिग्रहण किया गया था। 2021 में तत्कालीन शहरी विकास मंत्री एकनाथ शिंदे ने इस जमीन को 16 लोगों को कम कीमत पर लीज पर देने का निर्देश दिया था। सूचना के अधिकार से खुलासा हुआ कि एकनाथ शिंदे के निर्देश से एनआईटी को भारी नुकसान उठाना पड़ा।

हाईकोर्ट ने आदेश पर लगाई रोक 

तत्कालीन शहरी विकास मंत्री एकनाथ शिंदे ने नागपुर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट (एनआईटी) की जमीन 16 लोगों को लीज पर देने का निर्देश दिया था। उस फैसले पर हाईकोर्ट की नागपुर बेंच ने रोक लगा दी है। जबकि यह मामला लंबित है तो प्लॉट कैसे आवंटित किया गया है? यह सवाल कोर्ट ने उठाया है।