logo_banner
Breaking
  • ⁕ मंथन फॉर युवा अभियान का हुआ समापन, CM फडणवीस बोले- युवाओं के सपनो को मिलेगी नई दिशा; एक साथ 4100 युवाओं ने किया ढोल-ताशा का वादन कर बनाया विश्व रिकॉर्ड ⁕
  • ⁕ राहुल गांधी के महिला अधिकार वाले बयान पर CM फडणवीस का पलटवार, बोले- ‘खाने के दांत अलग, दिखाने के अलग’ ⁕
  • ⁕ समृद्धी-शक्तिपीठ महामार्ग को लेकर विजय वडेट्टीवार के गंभीर आरोप, बोले- ‘जनता को समृद्धि मिलेगी या ठेकेदारों को?’ ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी ग्रामीण अस्पताल में सर्पदंश के मरीज को पीठ पर ले जाने का वीडियो वायरल; बदइंतजामी के आरोपों पर अस्पताल प्रशासन ने पेश की असलियत ⁕
  • ⁕ "हम शिक्षक हैं, व्यापारी नहीं!" तुकाराम मुंढे के आदेश पर भड़के शिक्षक, मिड-डे मील के FSSAI लाइसेंस को लेकर छिड़ा नया विवाद ⁕
  • ⁕ छात्रों की गूंज पर सियासत तेज, मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया राहुल गांधी का ‘री-लॉन्च कार्यक्रम; छात्रों और इंफ्लुएंसर्स को पैसे देकर बुलाने का किया दावा ⁕
  • ⁕ Akola: महीने भर से बारिश की बेरुखी से सोयाबीन की फसल पर संकट, उत्पादन में 50% से अधिक गिरावट की आशंका ⁕
  • ⁕ Chandrapur: मुस्लिम युवती ने किया श्रीमद्भगवद्गीता का उर्दू अनुवाद, 3 महीने में पूरा किया अनोखा कार्य ⁕
  • ⁕ Nagpur: शराब को लेकर पति-पत्नी में हुआ विवाद, महिला की जान गई; पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Nagpur: 8 साल की बच्ची से कोच ने की छेड़खानी, पुलिस ने आरोपी कोच को किया गिरफ्तार ⁕
Nagpur

विदर्भ साहित्य संघ के अध्यक्ष मनोहर म्हैसालकर का निधन, 90 साल की उम्र में ली आखिरी सांस


नागपुर: विदर्भ साहित्य संघ के अध्यक्ष और साहित्यकार मनोहर म्हैसालकर का शुक्रवार शाम निधन हो गया। वह नब्बे साल के थे। गुरुवार को तबियत ख़राब होने के बाद उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से साहित्य के क्षेत्र में शोक की लहर है। शनिवार 15 अक्टूबर को सुबह साढ़े 10 बजे अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनके परिवार में दो बेटियां और एक बड़ा परिवार है।

मनोहर म्हैसालकर का जन्म अमरावती में हुआ था। उन्होंने अमरावती के शिवाजी कॉलेज में बीकॉम तक की पढ़ाई की। उसके बाद वे कुछ समय के लिए नागपुर के सोमालवार हाई स्कूल में शिक्षक के रूप में काम किया। इसके बाद में उन्होंने मोयले में नौकरी की। 1972 में विदर्भ साहित्य संघ में शामिल हुए। उन्होंने 1983 तक विभिन्न पदों पर कार्य किया। उसके बाद वह 1983 से 2006 तक महासचिव रहे। 2006 से आज तक वे विदर्भ साहित्य संघ के अध्यक्ष पद पर रहे। 

भीमराव मराठी साहित्य उत्कृष्ट पुरुस्कार से थे समान्नित

साहित्य के क्षेत्र में म्हैसालकर एक सम्मानित नाम था। उन्होंने विदर्भ साहित्य संघ के उदय में एक प्रमुख भूमिका निभाई। वे कई साहित्यिक, सांस्कृतिक या संस्थाओं से घनिष्ठ रूप से जुड़े रहे। उन्होंने पुरुषोत्तम दर्वेकर के रंजन कला मंदिर के महासचिव का पद संभाला। उन्हें अखिल भारतीय मराठी नाट्य परिषद, महाराष्ट्र साहित्य परिषद पुणे द्वारा प्रथम भीमराव मराठी साहित्य उत्कृष्ट वरिष्ठ कार्यकर्ता पुरस्कार से सम्मानित किया गया। विदर्भ की समग्र सांस्कृतिक संरचना में उनका बहुत बड़ा योगदान था।