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Nagpur

हम किसी के गुलाम नहीं, अब नहीं सहेंगे अन्याय; कंभाले ने कहा- मैं उपाध्यक्ष के लिए लडूंगा चुनाव


नागपुर: जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव आज होने वाला है। कांग्रेस को जिला परिषद में पूर्ण बहुमत हासिल है। लेकिन इसके बावजूद उसकी राह मुश्किल दिख रही है। नाराज सदस्यों ने पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। जिसको देखते हुए कांग्रेस ने अपने सदस्यों को किसी गुप्त स्थान पर भेज दिया है। इसी बीच पार्टी के वरिष्ठ सदस्य नाना कंभाले ने पार्टी नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि, कंभाले ने कहा कि हम नेता के गुलाम नहीं हैं, हम भी पार्टी के लिए काम करते हैं. दो बार चुनकर आए हैं। हमें अनुभवी कहा जाता है और एक गुट के सदस्यों को ही झुकता माप दिया जा जाता है यह उचित नहीं है। इसी के साथ उन्होंने साफ़ कह दिया है की वह उपाध्यक्ष का चुनाव लड़ेंगे।

ढाई साल में केवल कमीशनखोरी

उन्होंने कहा कि पिछले समय भी एक विशिष्ट गट के सदस्यों को झुकता माप दिया गया तब मैं शांत रहा लेकिन हर बार वैसा ही होगा तो हम नेता के गुलाम नहीं हैं। कंभाले ने आरोप लगाया कि बीते ढाई वर्ष के काल में केवल कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार हुआ. कांग्रेस सदस्यों के भी काम नहीं हुए। पार्टी के 90 फीसदी सदस्य नाराज हैं. कई बार मैंने नेताओं से शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मुझे एक ही वोट मिले चलेगा लेकिन मैं चुनाव लड़ूंगा।  

दो और सदस्य आउट ऑफ़ नेटवर्क

2020 के जिला परिषद चुनाव में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत मिला था। 58 सीट में से 31 पर जीत मिली थी। वहीं एनसीपी को 10 सीटों पर कब्ज़ा किया था। इसके बाद रश्मि बर्वे को अध्यक्ष बनाया गया। वहीं अब ढाई साल बाद फिर से अध्यक्ष चुनाव का मतदान होने वाला है। लेकिन उम्मीदवारों की फ़ौज होने के कारण कांग्रेस की मुश्किल में फंसी है। इसी को देखते हुए पार्टी ने अपने कंभाले को छोड़कर सभी 27 सदस्यों को कलमेश्वर के किसी रिसॉर्ट में रखा हुआ है, लेकिन इसी बीच पार्टी के दो और सदस्य नॉट रिचेबल हो गए हैं। जिन सदस्यों के फ़ोन बंद है उनमें प्रीतम कवरे और मेध मानकर हैं। इसके कारण पार्टी की मुश्किल बढ़ गई है।

भाजपा ने लगाई ताकत

एक ओर जहां कांग्रेस अपने से जूझ रही हैं ,वहीं भाजपा के लिए इसमें मौका दिख रहा है। इसी को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने असंतुष्टों को साधने का काम शुरू कर दिया है। इसी क्रम में भाजपा नेताओं ने कांग्रेस, राष्ट्रवादी के नाराज सदस्यों से संपर्क शुरू कर दिया है। इसी के मद्देनजर आज भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बावनकुले के आवास पर बैठक हुई। हालांकि, बैठक में क्या हुआ यह बात सामने नहीं आई। लेकिन सूत्रों की मानें तो भाजपा ने बागी सदस्यों को समर्थन देने का तय किया है।