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Nagpur

ठाकरे के कार्यकर्ताओं ने कहां ठाकरे परिवार ही पार्टी-शिंदे के समर्थकों का दावा अब तो हम ही असल पार्टी


नागपुर- शिवसेना के अधिकृत चुनाव चिन्ह धनुष-बाण को चुनाव आयोग ने तात्कालिक तौर पर फ्रीज कर दिया है.ठाकरे सेना या शिंदे सेना फ़िलहाल न पार्टी के नाम और न ही चुनाव चिन्ह का इस्तेमाल कर कर सकेंगी। आयोग के इस फ़ैसले को उद्धव ठाकरे के लिए झटका माना जा सकता है क्यूंकि शिवसेना के केंद्र का उनसे जुड़ाव अधिक है.लेकिन शिंदे सेना भी आयोग के इस फैसले से नाख़ुश दिखाई दे रही है.
शिवसेना ( ठाकरे ) के शहर प्रमुख किशोर कुमेरिया ने आयोग के इस फ़ैसले को लेकर कहां की वो और उनके जैसे निष्ठावान शिवसैनिक अब भी उद्धव ठाकरे के साथ खड़े है.पार्टी प्रमुख की वजह से चलती है.पार्टी प्रमुख स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे ने उद्धव ठाकरे को पार्टी का प्रमुख बनाया है इसलिए कार्यकर्त्ता भी उनके साथ ही है.चुनाव चिन्ह भले फ्रीज हो गया है लेकिन हम नए सिरे से लोगों के बीच जायेंगे और शिवसैनिक पूरी ताकत से पार्टी को मज़बूत करेंगे।
 

दूसरी तरफ शिंदे की सेना के साथ खड़े रामटेक के सांसद कृपाल तुमाने के मुताबिक संख्याबल और नियम के अनुसार एकनाथ शिंदे की शिवसेना ही असली शिवसेना है.इसलिए चुनाव चिन्ह हमें ही मिलना चाहिए था.पार्टी के 56 से 40 विधायक शिंदे के साथ है.18 से 12 सांसद और दो तिहाई के अधिक पदाधिकारी भी हमारे साथ है इसलिए हमारा दावा अधिक मजबूत है.आयोग ने फ़िलहाल तात्पुरता यह निर्णय लिया है लेकिन हमें उम्मीद है की भविष्य में धनुष-बाण हमारा अधिकृत चिन्ह होगा।इस मामले में अदालत का निर्णय लंबित है.हमें वहां जीत मिलेगी।