logo_banner
Breaking
  • ⁕ Shardiya Navratri 2026: नागपुर सहित विदर्भ में नवरात्रि की धूम, देवी मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र में जल संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, राज्य के सभी जलस्रोतों का पानी पीने के लिए किया आरक्षित ⁕
  • ⁕ संवैधनिक संस्थाओ के खिलाफ अविश्वास पैदा करना चाहता है विपक्ष, मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- देश में वामपंथी शासन लाना चाहते हैं राहुल गांधी ⁕
  • ⁕ देऊळगांव राजा में दो गुटों में खूनी संघर्ष, नगरसेवक समेत दो की मौत; पुलिस स्टेशन के सामने हुआ बवाल ⁕
  • ⁕ मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे में मतभेद! विजय वडेट्टीवार ने किया बड़ा दावा, मंत्री जायसवाल ने कांग्रेस नेता को दी सधी हुई सलाह ⁕
  • ⁕ त्योहारों पर नागपुर और न्यू अमरावती के यात्रियों को बड़ी राहत, मध्य रेलवे चलाएगा विशेष ट्रेनें ⁕
  • ⁕ Chandrapur: चंद्रपुर का राजा’ गणेश मंडल पर रामनगर पुलिस थाने में FIR ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में शिवसेना यूबीटी ने निकाला मार्च, कर्जमाफी सहित 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद देने की मांग ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
National

देश में अंतरिक्ष विज्ञान के नए युग का प्रारंभ,पहला निजी रॉकेट विक्रम-S लॉन्च


नई दिल्ली:देश में पहली बार निजी स्पेस कंपनी द्वारा तैयार किया गया रॉकेट  विक्रम-S लॉन्च हो गया है। यह रॉकेट आवाज की गति से पांच गुना ज्यादा की  स्पीड से अंतरिक्ष की ओर गया। 81.5 किमी की ऊंचाई पर तीन पेलोड सफलता से इजेक्ट किए। 89.5 किमी. की अधिकतम ऊंचाई हासिल की और फिर समुद्र में स्प्लैश डाउन हो गया। रॉकेट की लॉन्चिंग के साथ ही इसे बनाने वाले 4 साल पुराने स्टार्टअप स्काई रूट एयरोस्पेस के नाम एक बड़ी उपलब्धि दर्ज हो गई है। कंपनी का कहना है कि इससे सैटेलाइट लॉन्चिंग कैब बुक करने जितनी आसान हो जाएगी।

स्काईरूट चार साल पुरानी कंपनी है. जिसने विक्रम-एस रॉकेट को बनाया है. इसे लॉन्च करने में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने मदद की. इस मिशन को प्रारंभ नाम दिया गया है.वर्ष 2018 में  ISRO के साइंटिस्ट पवन कुमार चंदना और नागा भरत डका ने नौकरी छोड़कर अंतरिक्ष से जुड़ी अपनी कंपनी चलाने का फैसला किया। उस वक्त भारत में कोई प्राइवेट प्लेयर नहीं था, इसलिए IIT के इन दोनों पूर्व छात्रों का भविष्य भी धुंधला दिख रहा था।  IIT खड़गपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग  की पढाई कर चुके चंदना IIT के बाद चंदना ने ISRO ज्वॉइन कर लिया था । चंदना ने ISRO में 6 साल काम किया। वो केरल के विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र में तैनात थे।ISRO में ही चंदना की मुलाकात एक अन्य IITian नागा भरत डका से हुई। दोनों ने एक-दूसरे के सपनों को समझा और नौकरी छोड़ दी। 2018 में दोनों ने मिलकर स्काईरूट एयरोस्पेस की शुरुआत की।