logo_banner
Breaking
  • ⁕ सैंड इस्तेमाल को बढ़ावा देने राज्य में नई पॉलिसी लागू; राजस्वमंत्री बावनकुले ने की घोषणा, शर्तें तोड़ने पर लाइसेंस होगा रद्द ⁕
  • ⁕ लावणी पर थिरकी एनसीपी अजित पवार गुट! पार्टी कार्यालय के भीतर नाच-गाने पर बवाल, आलाकमान ने अध्यक्ष अहिरकर से माँगा स्पष्टीकरण ⁕
  • ⁕ Buldhana: कंस्ट्रक्शन वर्कर के नाम पर फर्जी प्रमाणपत्र बनाकर वसूली, दो ऑनलाइन सेंटरों पर छापा, लेबर विभाग की बड़ी कार्रवाई ⁕
  • ⁕ Saoner: सावनेर के चंपा शिवार में सड़ी-गली हालत में मिला शव, खापरखेड़ा से गुमशुदा व्यक्ति की हुई पहचान ⁕
  • ⁕ Buldhana: जिले में बेमौसम बारिश ने दी दस्तक, कटाई के सीजन में फसलों को भारी नुकसान का खतरा ⁕
  • ⁕ Chandrapur: केसला घाट इलाके में बाघ ने बाइक सवार पर किया हमला, लोगों में डर का माहौल ⁕
  • ⁕ Amravati: कमुंजा फाटा के पास तेज़ रफ़्तार बस ने बाइक को मारी टक्कर, हादसे में एक की मौत, एक गंभीर ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
National

वंदे मातरम के अपमान पर अब होगी 3 साल की जेल! केंद्र सरकार ने जारी किए सख्त दिशा-निर्देश; जानें क्या हैं नए नियम


नई दिल्ली/नागपुर: देश के राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के सम्मान को लेकर केंद्र सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा फैसला लिया है। अब वंदे मातरम का अपमान करना या इसके गायन में बाधा डालना आपको भारी पड़ सकता है। सरकार ने 'राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम 1971' में संशोधन करते हुए इसे राष्ट्रगान के समान कानूनी दर्जा दे दिया है।


क्या है नया कानून और सजा का प्रावधान?

नए नियमों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक रूप से वंदे मातरम का अपमान करता है, इसके अर्थ को विकृत करता है या इसके गायन के दौरान जानबूझकर शोर मचाकर बाधा उत्पन्न करता है, तो उसे:

  • 3 साल तक की जेल की सजा हो सकती है।
  • भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
  • गंभीर मामलों में जेल और जुर्माना दोनों का प्रावधान है।

गायन के लिए जारी हुआ नया 'प्रोटोकॉल 2026'

गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि अब आधिकारिक कार्यक्रमों में वंदे मातरम को लेकर कुछ विशेष नियमों का पालन अनिवार्य होगा,

  • खड़ा होना अनिवार्य: जब भी कहीं वंदे मातरम बजेगा या गाया जाएगा, वहां मौजूद सभी नागरिकों को 'सावधान' की मुद्रा में खड़ा होना होगा।
  • पूरे 6 पद: अब आधिकारिक समारोहों में केवल शुरुआती पंक्तियाँ नहीं, बल्कि वंदे मातरम के सभी 6 पद गाए जाएंगे (समय: लगभग 3 मिनट 10 सेकंड)।
  • कार्यक्रम की शुरुआत: सरकारी प्रोटोकॉल के तहत अब कार्यक्रमों की शुरुआत वंदे मातरम से और समापन राष्ट्रगान (जन-गण-मन) से किया जाएगा।


क्यों लिया गया यह फैसला?

सरकार का तर्क है कि वंदे मातरम भारत के स्वतंत्रता संग्राम का मूल मंत्र रहा है। इसे 24 जनवरी 1950 को राष्ट्रगान के समान दर्जा दिया गया था, लेकिन इसके अपमान के खिलाफ कोई सख्त दंड संहिता नहीं थी। वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर इसे कानूनी रूप से सुरक्षित करना राष्ट्र के सम्मान के लिए आवश्यक कदम है।