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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाकाल लोक का किया उद्घाटन, कहा- कॉरिडोर उज्जैन की जीवंतता को बढ़ाएगी


उज्जैन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने महाकाल लोक (Mahakal Lok) को जनता को समर्पित कर दिया है। रिमोट कंट्रोल के जरिये प्रधानमंत्री ने कॉरिडोर का उद्घाटन किया। इसके पहले प्रधानमंत्री मोदी महाकाल मंदिर पहुंचे और उनकी पूजा की। प्रधानमंत्री ने करीब आधे घंटे तक महाकाल की पूजा की। इसके बाद उन्होंने गर्भगृह के अंदर कुछ देर ध्यान भी किया।

उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी अदालत के अनुरूप पूरे कॉरिडोर का भ्रमण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री को कॉरिडोर के सभी जुडी सभी चीजों की जानकारी दी। इस दौरान मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल भी मौजूद रहे। 

महाकाल लोक गलियारा परियोजना के पहले चरण का उद्घाटन करने के बाद एक सार्वजनिक समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह परियोजना उज्जैन की जीवंतता को बढ़ाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘ उज्जैन ने हजारों वर्षों तक भारत की संपन्नता और समृद्धि, ज्ञान और गरिमा और साहित्य का नेतृत्व किया है। उज्जैन के छण-छण में इतिहास सिमटा हुआ है। कण-कण में अध्यात्म समाया हुआ है और कोने-कोने में ईश्वरीय ऊर्जा संचारित हो रही है।''

मोदी ने कहा कि आजादी के अमृत काल में भारत ने गुलामी की मानसिकता से मुक्ति और अपनी विरासत पर गर्व जैसे पंच प्राण का आह्वान किया है, इसलिए आज अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण पूरी गति से हो रहा है। उन्होंने कहा कि काशी में विश्वनाथ धाम भारत की संस्कृति का गौरव बढ़ा रहा है, सोमनाथ में विकास के कार्य नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं तथा उत्तराखंड में बाबा केदार के आशीर्वाद से केदारनाथ, बद्रीनाथ तीर्थ क्षेत्र में विकास के नए अध्याय लिखे जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार चार धाम परियोजना के जरिए, हमारे चारों धाम सर्वमौसम मार्ग से जुड़ने जा रहे हैं तथा आजादी के बाद पहली बार करतारपुर साहिब खुला है। उन्होंने कहा, ‘‘ स्वदेश दर्शन और प्रसाद योजना से देशभर में हमारी आध्यात्मिक चेतना के ऐसे कितने ही केंद्रों का गौरव पुन: स्थापित हो रहा है। और अब इसी कड़ी में भव्य और अतिभव्य महाकाल लोक भी अतीत के गौरव के साथ, भविष्य के स्वागत के लिए तैयार हो चुका है।''

मोदी ने कहा कि उज्जैन जैसे हमारे स्थान खगोल विज्ञान, एस्ट्रोनॉमी से जुड़े शोधों के शीर्ष केंद्र रहे हैं तथा आज नया भारत जब अपने प्राचीन मूल्यों के साथ आगे बढ़ रहा है, तो आस्था के साथ-साथ विज्ञान और शोध की परंपरा को भी पुनर्जीवित कर रहा है। उन्होंने कहा कि महाकाल के आशीर्वाद से भारत की भव्यता पूरे विश्व के विकास के लिए नई संभावनाओं को जन्म देगी एवं भारत की दिव्यता पूरे विश्व के लिए शांति के मार्ग प्रशस्त करेगी। संबोधन से पहले मोदी ने महाकालेश्वर मंदिर में बने 900 मीटर से अधिक लंबे महाकाल लोक गलियारे का उद्घाटन किया।

850 करोड़ रूपये की लागत

47 हेक्टर में बनने वाले इस कॉरिडोर पर 850 करोड़ रूपये खर्च किया गया है। मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी ने पहले फेज का उद्घाटन किया है। इस फेज के निर्माण में करीब 350 करोड़ का खर्चा आया है। इस कॉरिडोर में भगवान शिव  से जुड़ी हुई सभी कथाओं को पत्थरो पर उकेरा गया है। इसी के साथ पुरे कॉरिडोर में छोटे-बड़े करीब 190 मूर्तियां लगाई गई है। इस कॉरिडोर के अंदर शिव वाटिका का भी निर्माण किया गया है। जिसमें पीपल, बेल पत्र सहित रुद्राक्ष के पौधे लगाए गए हैं।