महाराष्ट्र में बढ़ रही कैंसर की चुनौती, पिछले 5 सालों में मरीजों की संख्या 11% बढ़ी: मुख्यमंत्री फडणवीस
नागपुर: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य में स्वास्थ्य क्षेत्र की एक गंभीर चुनौती की ओर इशारा किया है। नागपुर के नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट (NCI) में आयोजित 'ऑन्कोलॉजी बियॉन्ड बॉर्डर्स' इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में महाराष्ट्र में कैंसर के मरीजों की संख्या में 11 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।
मुख्यमंत्री ने इस वैश्विक चुनौती पर चिंता जताते हुए कहा कि कैंसर जैसी बीमारियाँ भौगोलिक सीमाओं या सामाजिक स्तर को नहीं मानतीं, इसलिए इसके खिलाफ साझा वैश्विक प्रयासों की जरूरत है।
मुख्यमंत्री के संबोधन की खास बातें
बढ़ते मामले एक बड़ी चुनौती: मुख्यमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों का हवाला देते हुए चेतावनी दी कि अगले 15-20 सालों में कैंसर के मामलों में 75% तक की बढ़ोतरी हो सकती है। भारत के लिए यह एक बड़ा हेल्थ क्राइसिस बन सकता है।
इलाज के साथ 'बचाव' पर जोर: फडणवीस ने कहा कि अब हमें सिर्फ इलाज (Treatment) पर ही नहीं, बल्कि बचाव (Prevention) और शुरुआती जांच (Early Diagnosis) पर ध्यान देना होगा। संदिग्ध मरीजों के लिए बेहतर टेस्टिंग इक्विपमेंट और सुविधाएं विकसित करना सरकार की प्राथमिकता है।
सस्ता इलाज और सरकारी मदद: कैंसर के महंगे इलाज को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने कैंसर की दवाओं और उपकरणों पर टैक्स कम किया है। राज्य सरकार भी इलाज को सस्ता बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
'हब एंड स्पोक' मॉडल और 'महा कैंसर केयर': महाराष्ट्र सरकार ने 'महा कैंसर केयर फाउंडेशन' के जरिए राज्य भर में एक कैंसर ग्रिड बनाने की पहल की है। यह मॉडल राज्य के हर व्यक्ति तक, चाहे वह ग्रामीण इलाके में हो, कैंसर का इलाज पहुंचाना सुनिश्चित करेगा।
मध्य भारत का उम्मीद का केंद्र
मुख्यमंत्री ने नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान न केवल महाराष्ट्र और मध्य भारत बल्कि विदेशों के मरीजों को भी बोन मैरो ट्रांसप्लांट जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं दे रहा है। उन्होंने राज्य में ऐसे और संस्थानों की आवश्यकता पर बल दिया।
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