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Nagpur

महाराष्ट्र में ब्राह्मणों का ज्यादा महत्व नहीं, उत्तर भारत में खूब चलती है: नितिन गडकरी


नागपुर: वरिष्ठ भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस बात पर खेद व्यक्त किया है कि महाराष्ट्र की राजनीति में ब्राह्मण समुदाय का ज़्यादा महत्व नहीं है। उन्होंने कहा कि, "महाराष्ट्र में हमारी जाति का ज़्यादा महत्व नहीं है। लेकिन उत्तर भारत में हम अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच, महाराष्ट्र में वर्तमान में देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री हैं। गडकरी स्वयं भी केंद्रीय मंत्री हैं। इसलिए उनके इस बयान पर समाज में गंभीर चर्चा शुरू हो गई है।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अपने कई भाषणों में स्पष्ट किया है कि वे जाति, धर्म और संप्रदाय में विश्वास नहीं रखते। लेकिन नागपुर में एक कार्यक्रम में उन्होंने इस बात पर खेद व्यक्त किया कि महाराष्ट्र में उनकी अपनी जाति का ज़्यादा महत्व नहीं है। नितिन गडकरी ने कहा कि शिक्षा हमारी ताकत है। शिक्षा के बिना कोई भी समाज विकसित नहीं हो सकता। आज कई लोग ट्रक ड्राइवर, चाय की दुकान जैसे छोटे-बड़े काम करते नज़र आते हैं। उनमें अच्छी कलात्मकता होने के बावजूद, वे केवल शिक्षा के अभाव में पिछड़ रहे हैं। इसलिए सभी को सभी भाषाओं में अच्छी शिक्षा मिलनी चाहिए।

यहाँ ब्राह्मणों का प्रदर्शन अच्छा नहीं

नितिन गडकरी ने आगे कहा, "मैं एक ब्राह्मण हूँ।" लेकिन ब्राह्मण यहाँ ज़्यादा लोकप्रिय नहीं हैं। यहाँ उनका कोई ख़ास महत्व नहीं है। लेकिन उत्तर प्रदेश और बिहार में उनका बहुत महत्व है। वहाँ दुबे, मिश्रा, पांडे, चतुर्वेदी वगैरह बहुत लोकप्रिय हैं। वहाँ उनका काफ़ी प्रभाव है। मैं एक बार उत्तर प्रदेश में एक कार्यक्रम में गया था। सब लोग मेरे पास आए। उन्होंने कहा, पंडित अटल बिहारी वाजपेयी के बाद अगर हमारे समाज का कोई मज़बूत नेता है, तो वो आप ही हैं। मैंने कहा, मैं ही क्यों? उन्होंने कहा क्योंकि आप ब्राह्मण हैं। मैंने कहा, मैं जाति-पाति में विश्वास नहीं करता। आप मुझे ऐसा क्यों बता रहे हैं?

सिर्फ़ किताबी ज्ञान ज़रूरी नहीं

गडकरी ने कहा, असल बात तो ये है कि लोग आपको आपके काम, कर्म, गुण, सद्गुण, कौशल की वजह से पसंद करते हैं। मैं अब खुद को डॉक्टर नहीं कहता। मैं जिस क्षेत्र में काम करता हूँ, वहाँ मेरे 7 विश्व रिकॉर्ड हैं। मेरा अनुभव है कि पढ़ाई में कितने भी अच्छे अंक क्यों न आएँ, इसकी कोई गारंटी नहीं कि आप सफल होंगे। मैं एक लॉ कॉलेज में पढ़ता था। जो छात्र प्रथम श्रेणी और मेरिट में आते थे, उनकी वकालत आज ज़्यादा सफल नहीं है। लेकिन हमारे जैसे वो छात्र जो बुरे काम कर रहे थे, आज बहुत बड़े वकील बन गए हैं। करोड़ों कमा रहे हैं।

इसलिए हमें योग्यता, कौशल और सफलता के बीच का अंतर समझना चाहिए। हमें ज़िम्मेदारी और ज्ञान के साथ काम करना सीखना चाहिए। लेकिन एक बात सच है कि हमें शिक्षा की बहुत ज़रूरत है। जब मैं विधायक था, तो सभी विधायकों को इंजीनियरिंग कॉलेज मिले। लेकिन आज तक मेरे पास कोई शिक्षण संस्थान नहीं है। मुझे एक इंजीनियरिंग कॉलेज मिला, लेकिन मैंने उसे नागपुर के एक मुस्लिम संस्थान को दे दिया। अब तक उस कॉलेज से मुस्लिम समुदाय के 8-10 छात्र इंजीनियर बन चुके हैं। क्योंकि, इस समाज को इसकी बहुत ज़रूरत थी।

ज्ञान मिलेगा तो जीवन में सफलता मिलेगी। वरना मंदिर जाओ, मस्जिद जाओ, सौ बार नमाज़ पढ़ो, लेकिन अगर अंग्रेजी नहीं आती, गणित नहीं आती, विज्ञान नहीं आता, प्रशासन नहीं आता, तो कैसे कर पाओगे? नितिन गडकरी ने भी उपस्थित लोगों से बातचीत करते हुए यह सवाल उठाया।