logo_banner
Breaking
  • ⁕ ओला-उबर और रैपिडो के लिए नई नीति लाने की तैयारी, नितिन गडकरी बोले- 12 करोड़ लोगों को मिल सकता है रोजगार ⁕
  • ⁕ धर्मांतरण के बाद पुराने जातिगत दर्जे के आधार पर नहीं मिलेगा आरक्षण, सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के फैसले को ठहराया सही ⁕
  • ⁕ Amravati: बावनकुले की चेतावनी: शिक्षकों का चुनाव प्रचार में इस्तेमाल हुआ तो रद्द होगी संस्था की मान्यता! ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती में 40 दिनों में 36 किसानों की आत्महत्या! ₹5 हजार की मदद को यशोमति ठाकुर ने बताया ‘भीख’ ⁕
  • ⁕ DoT का नया निर्देश; नंबर सेव नहीं होने पर भी पता चलेगी कॉलर की पहचान, 4G और 5G नेटवर्क पर मिलेगी सुविधा ⁕
  • ⁕ इमरान खान की बढ़ीं मुश्किलें! 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस ⁕
  • ⁕ Amravati: अमरावती जिला बैंक की अंतिम सूची में 2,852 मतदाता, अक्टूबर के आखिर में बजेगा चुनाव का बिगुल ⁕
  • ⁕ Yavatmal: रालेगांव तहसील समूह में सत्ता परिवर्तन! वडकी में वर्षा तेलंगे की हार, प्रवीण कोकाटे की शानदार जीत ⁕
  • ⁕ Buldhana: 'हमें भीख नहीं, मदद चाहिए', बुलढाणा में किसान संघ ने कद्दू और चॉकलेट देकर सरकार के खिलाफ निकाला गुस्सा.. ⁕
  • ⁕ Nagpur: ड्यूटी पूरी कर घर पहुंचे ASI रविंद्र कोकांडे की अचानक बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत ⁕
Amravati

Amravati: बावनकुले की चेतावनी: शिक्षकों का चुनाव प्रचार में इस्तेमाल हुआ तो रद्द होगी संस्था की मान्यता!


अमरावती: अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले और भाजपा सांसद डॉ. अनिल बोंडे ने पंजाबराव देशमुख द्वारा स्थापित श्री शिवाजी शिक्षण संस्था पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बावनकुले ने चेतावनी दी कि यदि शिक्षकों को स्कूलों में छुट्टी देकर विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित करते हुए चुनाव प्रचार में लगाया जाएगा, तो इस मामले की विशेष जांच टीम (SIT) से जांच कराई जाएगी। साथ ही संस्था की मान्यता रद्द करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।

बावनकुले ने कहा कि कैबिनेट की बैठक में इस मामले की जांच के लिए विशेष समिति गठित करने का प्रस्ताव रखा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षण संस्थाओं में राजनीति के लिए शिक्षकों का इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, भाजपा सांसद डॉ. अनिल बोंडे ने भी श्री शिवाजी शिक्षण संस्था के कामकाज पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि संस्था के शिक्षकों और प्राध्यापकों को कॉलेजों में शैक्षणिक कार्य करने के बजाय चुनाव प्रचार में लगाया जा रहा है। उनके अनुसार, इससे कॉलेजों में शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

बोंडे ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि शिक्षकों पर चुनाव प्रचार में शामिल होने का दबाव बनाया जा रहा है और उन्हें परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए नहीं होना चाहिए। इस मामले में श्री शिवाजी शिक्षण संस्था का पक्ष सामने आना बाकी है।