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Chandrapur

सुलह का ऐलान, अदालत में लड़ाई जारी! चंद्रपुर कांग्रेस में वडेट्टीवार–धानोरकर विवाद बरकरार


नागपुर/चंद्रपुर: महाराष्ट्र के चंद्रपुर में कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी एक बार फिर चर्चा में आ गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार और सांसद प्रतिभा धानोरकर के बीच मतभेद खत्म होने की घोषणा के बावजूद महानगरपालिका में गुटनेता पद को लेकर कानूनी विवाद अब तक नहीं सुलझा है। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी की ओर से आपसी मतभेद दूर कर सकारात्मक राजनीति करने की सलाह दिए जाने के बाद भी वडेट्टीवार ने उच्च न्यायालय में दायर याचिका वापस नहीं ली है। इससे पार्टी के भीतर सुलह की कोशिशों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

मतभेद खत्म होने का दावा, लेकिन विवाद बरकरार

कांग्रेस में वडेट्टीवार और धानोरकर गुट के बीच लंबे समय से राजनीतिक खींचतान चल रही है। पार्टी नेतृत्व की मध्यस्थता के बाद दोनों नेताओं के बीच मतभेद समाप्त होने की बात सामने आई थी। मुंबई में प्रदेश कांग्रेस की बैठक के बाद वडेट्टीवार ने भी धानोरकर के साथ मिलकर पार्टी के लिए काम करने की बात कही थी।

इसी बीच, प्रियंका गांधी ने वडेट्टीवार को सकारात्मक राजनीति करने और आपसी मतभेद दूर करने की सलाह दी थी। हालांकि, चंद्रपुर महानगरपालिका में गुटनेता के चयन को लेकर उच्च न्यायालय में दायर याचिका अब तक वापस नहीं ली गई है। ऐसे में राजनीतिक स्तर पर सुलह की घोषणा और वास्तविक कार्रवाई के बीच अंतर दिखाई दे रहा है।

गुटनेता पद को लेकर न्यायालय तक पहुंचा मामला

चंद्रपुर महानगरपालिका में कांग्रेस के गुटनेता पद के चयन को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद पैदा हुआ था। मामला विभागीय आयुक्त कार्यालय तक पहुंचा और दोनों गुटों ने न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया।

उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद संबंधित पक्षों को सुनवाई का अवसर दिया गया। इसके बाद विभागीय आयुक्त कार्यालय में मामले की सुनवाई हुई। खबर के अनुसार, सांसद प्रतिभा धानोरकर के गुट के 16 नगरसेवकों ने सुनवाई के दौरान अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

विभागीय आयुक्त ने गुटनेता पद को लेकर निर्णय दिया, लेकिन इस फैसले से जुड़ा विवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ। वडेट्टीवार की ओर से उच्च न्यायालय में याचिका कायम रखे जाने के कारण मामला अब भी राजनीतिक और कानूनी दृष्टि से महत्वपूर्ण बना हुआ है।

आगामी चुनाव में कांग्रेस की एकजुटता की परीक्षा

इस विवाद का असर कांग्रेस की आगामी राजनीतिक तैयारियों पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। नागपुर विभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के आगामी चुनाव की पृष्ठभूमि में पार्टी के सामने एकजुटता बनाए रखने की चुनौती है। चंद्रपुर में वडेट्टीवार और धानोरकर के बीच मतभेदों का मुद्दा पहले भी पार्टी के लिए परेशानी का कारण बना है। ऐसे में दोनों नेताओं के बीच घोषित सुलह कितनी प्रभावी साबित होती है, इस पर राजनीतिक गलियारों की नजर है।