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Amravati: चुनाव आते ही उर्दू स्कूलों की याद क्यों? किरण सरनाईक पर यशोमती ठाकुर का निशाना..!


अमरावती: महाराष्ट्र शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। महायुति के उम्मीदवार किरण सरनाईक द्वारा उर्दू स्कूलों और महाविद्यालयों का दौरा करने की घोषणा पर पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता यशोमती ठाकुर ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि शिक्षक विधायक रहते हुए सरनाईक ने उर्दू स्कूलों के अधिकारों और समस्याओं के लिए कितनी प्रभावी आवाज उठाई?

यशोमती ठाकुर ने कहा कि जब उर्दू स्कूलों को प्रभावित करने वाले शासन निर्णय (जीआर) लागू किए गए, तब इन स्कूलों के हितों की रक्षा के लिए क्या प्रयास किए गए? शिक्षकों, शिक्षण संस्थानों और विद्यार्थियों की समस्याओं पर उस समय क्या ठोस कदम उठाए गए, जब वे इन परेशानियों का सामना कर रहे थे?

ठाकुर ने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही उर्दू स्कूलों और महाविद्यालयों का दौरा कर मतदाताओं से समर्थन मांगने के बजाय किरण सरनाईक को अपने कार्यकाल का हिसाब देना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि यदि उर्दू शिक्षा से जुड़े मुद्दे इतने महत्वपूर्ण हैं, तो शिक्षक विधायक रहते हुए इन पर पहले प्रभावी पहल क्यों नहीं की गई?

उन्होंने कहा कि शिक्षकों के न्यायसंगत अधिकारों की रक्षा करना जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है। चुनाव के समय ही उर्दू शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर सक्रियता दिखाना उचित नहीं है। ठाकुर ने सरनाईक की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि मतदाताओं को अब उनके कार्यकाल और उर्दू स्कूलों के लिए किए गए कामों का जवाब मिलना चाहिए। महाराष्ट्र शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में उर्दू स्कूलों के मुद्दे पर उठे इन सवालों से राजनीतिक माहौल गरमा गया है।