श्रीकृष्ण पाहुरकर के गंभीर आरोप, हर्षवर्धन देशमुख को पद से हटाने की मांग, कर्मचारियों पर प्रचार का दबाव बनाने का आरोप
अमरावती: अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाता नजर आ रहा है। इस बीच, निर्दलीय उम्मीदवार श्रीकृष्ण पाहुरकर ने श्री शिवाजी शिक्षण संस्था पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पाहुरकर का आरोप है कि संस्था के कॉलेजों में उन्हें वोटर्स से मिलने नहीं दिया जा रहा है। मतदाताओं से मुलाकात करने की कोशिश करने पर उन्हें सीधे मना किया जा रहा है।
इस चुनाव में श्री शिवाजी शिक्षण संस्था के अध्यक्ष हर्षवर्धन देशमुख की बेटी अदिति पोहरे भी उम्मीदवार हैं। पाहुरकर ने आरोप लगाया कि संस्था के कर्मचारियों पर अदिति पोहरे के चुनाव प्रचार में काम करने के लिए दबाव बनाया गया। उनके मुताबिक, किसी शैक्षणिक संस्था और उसके पद का इस्तेमाल चुनावी फायदे के लिए करना गलत है।
श्रीकृष्ण पाहुरकर ने इस मामले को लेकर नाराजगी जताते हुए हर्षवर्धन देशमुख को संस्था के अध्यक्ष पद से हटाने की मांग की है। उन्होंने आरोपों के जरिए संस्था की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। इस पूरे मामले के सामने आने के बाद अमरावती के शैक्षणिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
हालांकि, ये आरोप श्रीकृष्ण पाहुरकर की ओर से लगाए गए हैं। इन आरोपों पर श्री शिवाजी शिक्षण संस्था और हर्षवर्धन देशमुख का पक्ष सामने आने पर मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, इस विवाद के चलते अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का चुनावी माहौल और गरमा गया है।
इस बीच, उन्होंने सांसद डॉ. अनिल बोंडे से संपर्क किया और घटना के बारे में बताया। बोंडे ने पाहुरकर को इस बारे में गृह मंत्री, मुख्यमंत्री और चुनाव आयोग से शिकायत करने की सलाह दी है।
admin
News Admin