logo_banner
Breaking
  • ⁕ नागपुर में गोदाम में लगी भीषण आग, दो से तीन वाहन जलकर खाक ⁕
  • ⁕ कलमेश्वर एमआईडीसी की केमफील्ड कंपनी में स्टीम बॉयलर फटने से जोरदार धमाका, बॉयलर विस्फोट में तीन मजदूर मामूली घायल ⁕
  • ⁕ महाराष्ट्र में फिर बदलेगा मौसम, विदर्भ के 6 जिलों में येलो अलर्ट, बारिश की जताई संभावना ⁕
  • ⁕ अमरावती को मिली बड़ी सौगात! एयर इंडिया फ्लाइंग ट्रेनिंग एकेडमी को DGCA की मंजूरी, जल्द शुरू होगी पायलटों की ट्रेनिंग ⁕
  • ⁕ स्टार एअर की पुणे-नागपुर विमान सेवा बंद, दिवाली से पहले विमान सेवा बंद होने से यात्रियों की बढ़ी परेशानी ⁕
  • ⁕ Chandrapur: इरई बांध में 68 प्रतिशत जल भंडार शेष, "न करें पानी की कटौती", किशोर जोरगेवार की मांग ⁕
  • ⁕ किसानों की आत्महत्या पर प्रकाश आंबेडकर का विवादित बयान, बोले- पहले 10 नेताओं को मारो, फिर मरो! ⁕
  • ⁕ नागपुर अधिवेशन के खर्च में ₹42 करोड़ की बढ़ोतरी, खर्च ₹86.90 करोड़ से बढ़कर ₹129.05 करोड़ रुपये ⁕
  • ⁕ लाडकी बहनों को ₹3,000 रुपये का इंतजार, सितंबर-अक्टूबर की किस्त अटकी! ⁕
  • ⁕ Yavatmal: दिग्रस में शादी का झांसा देकर धर्मांतरण के लिए दबाव डालने का आरोप, तीन लोगों पर मामला दर्ज ⁕
Amravati

Amravati: जिले में बरसे बादल, तापमान में आई गिरावट; गर्मी से परेशान लोगों को मिली राहत


अमरावती: मई की शुरुआत से ही सूरज की तपिश अप्रत्याशित रूप से कम हो गई है। हर साल मई के दूसरे सप्ताह में पारा 44 से 45 डिग्री के आसपास रहने की संभावना रहती है। हालांकि, इस वर्ष मई की शुरुआत से ही लगातार बादल छाए हुए हैं, साथ ही तेज हवाएं चल रही हैं और कुछ क्षेत्रों में बारिश भी हो रही है। जलवायु परिवर्तन के कारण तापमान में गिरावट आई है। इस बीच, रविवार शाम चार बजे शहर में तेज हवाएं चलीं और कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई।

मौसम में आए इस बदलाव के कारण रविवार और सोमवार को शहर के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। रविवार को 40.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों ने पूर्वानुमान लगाया है कि अगले दो दिनों तक तापमान इसी तरह बना रहेगा। मौसम में आए इस बदलाव के कारण नागरिकों को मई माह में भी कुछ दिनों के लिए जानलेवा गर्मी से राहत मिल रही है। दूसरी ओर, हर शाम चलने वाली हल्की हवा और बारिश से ग्रीष्मकालीन फसल उगाने वाले किसानों में घबराहट पैदा हो रही है। ऐसे मौसम के कारण यदि बारिश या ओलावृष्टि होती है तो हाथ में आई फसलें बर्बाद होने की संभावना है।