logo_banner
Breaking
  • ⁕ 1 अगस्त से एसटी में रियायत के लिए स्मार्ट कार्ड अनिवार्य, राज्यभर में 51 लाख यात्रियों ने कराया पंजीकरण ⁕
  • ⁕ Nagpur: धर्मांतरण के दबाव और शोषण का आरोप, दो आरोपी गिरफ्तार, एक फरार ⁕
  • ⁕ Bhandara: वरठी में दीये की बत्ती से लकड़ी के पुराने घर में लगी आग; जान का नुकसान नहीं, घर में रखा सामान जला ⁕
  • ⁕ Yavatmal: वणी में एमडी ड्रग्स की बिक्री, क्राइम ब्रांच ने दो को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ बढ़ता जा रहा मानसून का इंताजर, उमस और गर्मी से नागरिक परेशान; विदर्भ में तापमान फिर 44 डिग्री के पार ⁕
  • ⁕ अमरावती में भारी हंगामा: किरीट सोमैया की गाड़ी के आगे लेटे MIM कार्यकर्ता, पुलिस ने बल प्रयोग कर हटाया ⁕
  • ⁕ खड़ी निजी बस में लगी आग, टेकड़ी रोड के एमपी बस स्टैंड की घटना; परिसर में मचा हड़कंप ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Amravati

Amravati: जिले में बरसे बादल, तापमान में आई गिरावट; गर्मी से परेशान लोगों को मिली राहत


अमरावती: मई की शुरुआत से ही सूरज की तपिश अप्रत्याशित रूप से कम हो गई है। हर साल मई के दूसरे सप्ताह में पारा 44 से 45 डिग्री के आसपास रहने की संभावना रहती है। हालांकि, इस वर्ष मई की शुरुआत से ही लगातार बादल छाए हुए हैं, साथ ही तेज हवाएं चल रही हैं और कुछ क्षेत्रों में बारिश भी हो रही है। जलवायु परिवर्तन के कारण तापमान में गिरावट आई है। इस बीच, रविवार शाम चार बजे शहर में तेज हवाएं चलीं और कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई।

मौसम में आए इस बदलाव के कारण रविवार और सोमवार को शहर के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। रविवार को 40.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों ने पूर्वानुमान लगाया है कि अगले दो दिनों तक तापमान इसी तरह बना रहेगा। मौसम में आए इस बदलाव के कारण नागरिकों को मई माह में भी कुछ दिनों के लिए जानलेवा गर्मी से राहत मिल रही है। दूसरी ओर, हर शाम चलने वाली हल्की हवा और बारिश से ग्रीष्मकालीन फसल उगाने वाले किसानों में घबराहट पैदा हो रही है। ऐसे मौसम के कारण यदि बारिश या ओलावृष्टि होती है तो हाथ में आई फसलें बर्बाद होने की संभावना है।