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Maharashtra

महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला: 'उपजिलाधिकारी (सामान्य प्रशासन)' पद खत्म, अब पूरे राज्य में होगा सिर्फ 'उपजिलाधिकारी (राजस्व)'


मुंबई: महाराष्ट्र सरकार के राजस्व एवं वन विभाग ने जिला स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक स्पष्ट और नागरिकों के अनुकूल बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने 'उपजिलाधिकारी (सामान्य प्रशासन)' पदनाम को समाप्त कर दिया है। अब पूरे राज्य में केवल 'उपजिलाधिकारी (राजस्व)' पद ही अस्तित्व में रहेगा। सरकार का मानना है कि अलग-अलग पदनामों के कारण प्रशासनिक कार्यों और नागरिकों के बीच भ्रम की स्थिति बनती थी। इसी को समाप्त करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।

जिम्मेदारियों का भी किया गया स्पष्ट बंटवारा

नए आदेश के अनुसार, निवासी उपजिलाधिकारी के पास शस्त्र लाइसेंस, सिनेमा एवं वीडियो हॉल लाइसेंस, प्राकृतिक आपदा राहत, सूखा प्रबंधन, फसल बीमा, 'आपले सरकार' और पीजी पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायतों का निस्तारण, सेतु केंद्र, सामाजिक सहायता योजनाएं तथा कानून-व्यवस्था जैसे विषयों की जिम्मेदारी रहेगी।

वहीं उपजिलाधिकारी (राजस्व) को भूमि संबंधी मामलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनमें वर्ग-2 भूमि को वर्ग-1 में परिवर्तित करना, भूमि बिक्री की अनुमति, सरकारी और सीटीएस भूमि का प्रबंधन, विकास अनुमति, आदिवासी भूमि, भूदान, नजूल, सीलिंग, इनाम भूमि, वनाधिकार, पेसा कानून, महा राजस्व अभियान और स्थानीय निकाय चुनाव से जुड़े कार्य शामिल होंगे।

नागरिकों को मिलेगा सीधा लाभ
सरकार का कहना है कि इस फैसले से नागरिकों को यह समझने में आसानी होगी कि उनका काम किस अधिकारी के पास है। एक समान पदनाम और जिम्मेदारियों के स्पष्ट बंटवारे से प्रशासनिक प्रक्रिया तेज होगी, आवेदनों का जल्द निपटारा होगा और लोगों को कम समय में बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।