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Maharashtra

महाराष्ट्र में सूखा घोषित करने की मांग, शरद पवार ने CM फडणवीस को लिखा पत्र; किसानों के लिए 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर सहायता दें सरकार


मुंबई: महाराष्ट्र में कम बारिश के चलते किसानों के सामने पैदा हुई गंभीर स्थिति को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा है। पवार ने राज्य के गंभीर रूप से प्रभावित क्षेत्रों में औपचारिक मानदंडों की प्रतीक्षा किए बिना तत्काल सूखा घोषित करने और किसानों को आर्थिक सहायता देने की मांग की है।

पवार ने पत्र में कहा कि राज्य के अधिकांश हिस्सों में इस वर्ष बारिश ने किसानों का साथ नहीं दिया है। बारिश की कमी के कारण सोयाबीन, कपास, बाजरा, मक्का, तूर, मूंग और उड़द जैसी खड़ी फसलों पर संकट गहरा गया है। कई क्षेत्रों में फसलें सूखने के साथ ही कीट और रोगों का प्रकोप भी बढ़ने की बात पत्र में कही गई है।

किसानों को 50 हजार और खेत मजदूरों को 25 हजार रुपये की मदद

शरद पवार ने मांग की है कि प्रभावित किसानों को प्रति हेक्टेयर कम से कम 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए। वहीं, संकट से प्रभावित खेत मजदूर परिवारों को भी 25 हजार रुपये की विशेष सहायता देने की मांग की गई है। उन्होंने गंभीर स्थिति वाले तालुकों को तत्काल सूखा प्रभावित घोषित कर सूखा राहत से जुड़ी रियायतें लागू करने की मांग की है।

कर्जमाफी और नए फसल ऋण की मांग
पत्र में आर्थिक संकट से जूझ रहे किसानों के लिए कर्जमाफी योजना तत्काल लागू करने की मांग की गई है। इसके साथ ही किसानों को नया फसल ऋण उपलब्ध कराने की बात कही गई है। नियमित रूप से कर्ज चुकाने वाले किसानों के लिए प्रोत्साहन राशि 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने की मांग भी की गई है। वर्ष 2025-26 में फसल ऋण लेकर इस साल डिफॉल्टर हुए किसानों को भी कर्जमाफी योजना में शामिल करने की मांग पवार ने की है।

एक रुपये वाली फसल बीमा योजना फिर लागू करने की मांग
शरद पवार ने एक रुपये वाली फसल बीमा योजना को पूर्व प्रभाव से लागू करने की मांग की है। पत्र में किसान हित में पहले हटाए गए सभी ट्रिगर भी पूर्व प्रभाव से लागू कर फसल बीमा का संरक्षण देने की मांग की गई है। इसके अलावा पिछले साल बेमौसम बारिश से हुए नुकसान के लिए घोषित 17 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की फसल बीमा सहायता भी किसानों को तत्काल वितरित करने की मांग की गई है।


पानी और चारे के लिए टैंकर शुरू करने की मांग
सूखा प्रभावित तालुकों में रोजगार गारंटी योजना के तहत विशेष काम शुरू करने का सुझाव दिया गया है। इसमें कृषि, जल संरक्षण और अन्य ग्रामीण विकास से जुड़े काम शामिल करने की मांग की गई है।

फलों के बागों को बचाने के लिए टैंकर की व्यवस्था शुरू करने के साथ ही जिन गांवों में पीने के पानी की समस्या पैदा हो गई है, वहां तत्काल सर्वे कर जरूरत के अनुसार सरकारी टैंकर उपलब्ध कराने की मांग की गई है। पशुधन के लिए चारा छावनियां, पीने का पानी और पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की मांग भी पत्र में की गई है।

बिजली संकट और लोडशेडिंग पर विशेष अभियान की मांग
पवार ने सूखे की स्थिति में बढ़ रही लोडशेडिंग की समस्या का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने बिजली ट्रांसफॉर्मर की मरम्मत का काम समय पर पूरा कराने के लिए ऊर्जा विभाग के माध्यम से विशेष अभियान चलाने की मांग की है।

इसके साथ ही राज्य और जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित कर रोजाना निगरानी रखने की मांग की गई है। इसमें बारिश, फसलों की स्थिति, पानी की उपलब्धता, चारे की स्थिति और पशुधन से जुड़े आंकड़ों पर नजर रखने का सुझाव दिया गया है।

छात्रों की पूरी फीस माफ करने की मांग
सूखा प्रभावित तालुकों में स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों को राहत देने की मांग भी पत्र में शामिल है। पवार ने कहा कि केवल परीक्षा शुल्क माफ करने के बजाय प्रभावित क्षेत्रों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की पूरी शैक्षणिक फीस माफ करने का निर्णय लिया जाना चाहिए।

शरद पवार ने मुख्यमंत्री फडणवीस से किसानों, खेत मजदूरों, पशुधन और ग्रामीण जनजीवन पर पड़ रहे असर को देखते हुए इन मांगों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय लेने और आवश्यक राहत उपाय शुरू करने का आग्रह किया है।