जरांगे की भूमिका से ज्यादा महत्वपूर्ण सूखे का मुद्दा, राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले बोले- गणेशोत्सव में मुंबई में आंदोलन न करें
नागपुर: मराठा नेता मनोज जारंगे पाटिल ने 20 सितंबर से मुंबई में आंदोलन करने की घोषणा कर दी है। जारंगे के ऐलान पर राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बड़ा बयान दिया है। नागपुर में पत्रकारों से बात करते हुए बावनकुले ने कहा कि, "इस समय मनोज जरांगे पाटील क्या कर रहे हैं या उनकी भूमिका क्या है, उससे ज्यादा महत्वपूर्ण राज्य में सूखे की स्थिति है। महाराष्ट्र के 18 जिलों में बारिश कम हुई है और फसलें सूख रही हैं। उन्होंने बताया कि कल सभी जिलाधिकारियों के साथ बैठक की गई थी और आज शाम 4 बजे फिर सभी जिलाधिकारियों के साथ बैठक होगी।"
गणेश उत्सव को देखते हुए बावनकुले ने मराठा नेता से मुंबई में आंदोलन नहीं करने का आवाहन किया। बावनकुले ने कहा, "मुंबई में आंदोलन होने से मुंबईकरों के लिए कानून-व्यवस्था की स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है। मुंबई हाईकोर्ट के फैसलों को देखते हुए सभी को ध्यान रखना चाहिए कि मुंबई में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब न हो। उन्होंने राज्य के सभी आंदोलनकारियों से अपील की कि इस समय मुंबई में आंदोलन करना राज्य के हित में उचित नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि, "मुंबई और महाराष्ट्र में गणेशोत्सव देश के सबसे बड़े त्योहारों में से एक है। ऐसे में इस दौरान किसी को भी आंदोलन नहीं करना चाहिए।"
सरकार न्याय देगी, दें थोड़ा समय
आरक्षण पर बोलते हुए राजस्व मंत्री ने कहा, "ओबीसी हो या मराठा समाज, किसी के अधिकारों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे ने मराठा समाज की मांगों को पूरा करने का प्रयास किया है। इतिहास में पहले कभी नहीं लिए गए फैसले भी देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे ने लिए हैं। इसके बावजूद दोनों नेताओं पर की जा रही टिप्पणियां महाराष्ट्र और समाज को स्वीकार्य नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मराठा समाज को अब तक जो न्याय मिला है, वह देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे के कार्यकाल में मिला है। सरकार मराठा समाज को न्याय देने की भूमिका पर काम कर रही है, इसलिए सरकार को थोड़ा समय दिया जाना चाहिए।
सूखे को लेकर सर्वे का काम तेज
राज्य में हुई कम बारिश के बाद सूखे जैसी स्थिति बनती जा रही है। वहीं किसान सरकार से राहत की आस लगाए बैठी है। इसी पर बोलते हुए पालकमंत्री ने कहा, "इस समय सरकार के सामने सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा यह है कि सूखे की स्थिति में किसानों को किस तरह मदद दी जाए और उनके साथ मजबूती से खड़ा रहा जाए, ताकि किसान आत्महत्या करने के लिए मजबूर न हों। मुख्यमंत्री ने राज्य में सूखे की स्थिति पर गंभीरता से ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने बताया कि कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री ने उन्हें और मुख्य सचिव को पूरे राज्य का तत्काल सर्वेक्षण शुरू करने के निर्देश दिए हैं। जिलों में क्या-क्या उपाय किए जा सकते हैं, इसे लेकर भी मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं। सरकार मौजूदा नियमों के अनुसार किसानों की मदद करने की भूमिका में है।
बावनकुले ने कहा कि राज्य की पूरी स्थिति सामने आने के बाद इसे आगामी कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा। मंगलवार को मुख्यमंत्री को राज्य की स्थिति की पूरी जानकारी दी जाएगी। आज जिलाधिकारियों के साथ चर्चा होगी। संबंधित जिलों के प्रभारी मंत्री और पूरी प्रशासनिक व्यवस्था स्थिति का जायजा लेने के लिए दौरा करेगी। वे खुद भी कुछ स्थानों का दौरा करेंगे और आगामी कैबिनेट बैठक में राज्य की पूरी स्थिति की रिपोर्ट पेश करेंगे।
admin
News Admin