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Nagpur

महाराष्ट्र में सूखे जैसे हालात पर सरकार गंभीर, 7-8 दिन में आएगी विस्तृत रिपोर्ट; बावनकुले बोले- किसानों को मिलेगा ठोस आधार


नागपुर: महाराष्ट्र के कई हिस्सों में सूखे जैसे हालात को लेकर राज्य सरकार ने प्रशासन को तत्काल जमीनी स्तर पर स्थिति का आकलन करने के निर्देश दिए हैं। नागपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंत्रिमंडल की बैठक में सूखे के मुद्दे को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। प्रशासन को सीधे खेतों और किसानों के बीच पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए गए हैं।

बावनकुळे के मुताबिक राज्य के 18 जिलों की प्राथमिक रिपोर्ट सरकार को मिल चुकी है, लेकिन अंतिम निर्णय लेने से पहले फसलों को हुए वास्तविक नुकसान का विस्तृत आकलन किया जाएगा। सोयाबीन, कपास, संतरा सहित प्रमुख फसलों को हुए नुकसान की अंतिम रिपोर्ट अगले 7 से 8 दिनों में आने की उम्मीद है। इसके बाद केंद्र और राज्य सरकार की ओर से किसानों के लिए राहत पैकेज को लेकर ठोस निर्णय लिया जाएगा।

औपचारिक राहत नहीं, दीर्घकालीन उपायों पर जोर
राजस्व मंत्री ने कहा कि सरकार किसानों को केवल तात्कालिक या औपचारिक मदद देने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ऐसी व्यापक व्यवस्था तैयार की जाएगी, जिससे किसानों को भविष्य में भी मजबूती मिल सके। उन्होंने कहा कि पूर्व में लागू शासन निर्णयांच्या धर्तीवर किसानों को राहत देने पर विचार किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि सभी पालकमंत्री, जिलाधिकारी और विधायकों को अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर किसानों से सीधे संवाद करने के निर्देश दिए गए हैं। बावनकुळे ने कहा कि वह स्वयं भी कुछ जिलों का दौरा कर स्थिति का जायजा लेंगे।

चारा छावनियों में गड़बड़ी रोकने के लिए सख्ती

बावनकुळे ने पूर्व में चारा छावनियों में कथित अनियमितताओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस बार चारा छावनी या चारा डेपो शुरू किए जाते हैं तो पूरी प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी, ताकि किसी तरह का गैरप्रकार न हो। उन्होंने यह भी कहा कि यदि राज्य में परती बारिश होती है तो सूखे की गंभीरता कुछ कम हो सकती है।

'महाखनिज 2.0' से अवैध खनन और परिवहन पर निगरानी
राजस्व मंत्री ने 'महाखनिज 2.0' नीति की जानकारी देते हुए कहा कि अवैध गौण खनिज उत्खनन और परिवहन पर लगाम लगाने के लिए राज्य स्तर पर डिजिटल मॉनिटरिंग व्यवस्था मजबूत की जाएगी। कोकण विभागीय आयुक्तांच्या अंतर्गत राज्यस्तरीय वॉर रूम तथा जिल्हास्तरावर विशेष वॉर रूम के जरिए खनन गतिविधियों की निगरानी की जाएगी।

बावनकुळे के अनुसार नई व्यवस्था में घर बनाने के लिए आम नागरिक को आवश्यक गौण खनिज की मात्रा घोषित कर सीधे रॉयल्टी जमा करने की व्यवस्था होगी। उनका दावा है कि इस नीति से अवैध खनिज परिवहन पर रोक लगेगी और अगले तीन वर्षों में राज्य सरकार को करीब 25 हजार करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हो सकता है।

शक्तिपीठ महामार्ग: किसानों को मिलेगा 5 गुना मुआवजा
शक्तिपीठ महामार्ग को लेकर कुछ क्षेत्रों में जारी विरोध पर बावनकुळे ने सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि परियोजना को लेकर कुछ राजनीतिक लोगों द्वारा किसानों के बीच भ्रम फैलाया जा रहा है। उनका दावा है कि जमीन अधिग्रहण के बदले किसानों को बाजार दर की तुलना में पांच गुना तक मुआवजा मिलने की व्यवस्था है।

उन्होंने शक्तिपीठ महामार्ग की तुलना समृद्धी महामार्ग से करते हुए इसे महाराष्ट्र की नई आर्थिक जीवनरेखा बताया और कहा कि इससे राज्य के बुनियादी ढांचे और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।

बच्ची के इलाज के लिए सरकार सक्रिय
रामटेक की गंभीर रूप से बीमार बच्ची के महंगे इलाज का मामला भी पत्रकार वार्ता में उठा। बावनकुळे ने बताया कि बच्ची के उपचार को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहित संबंधित जनप्रतिनिधियों से चर्चा की गई है।

उन्होंने बताया कि बच्ची का उपचार मुंबई के नायर अस्पताल में चल रहा है। करीब 10 करोड़ रुपये के महंगे उपचार/इंजेक्शन से जुड़े मामले में मुंबई महानगरपालिका को तत्काल आवश्यक दवा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। बावनकुळे ने कहा कि बच्ची के इलाज के लिए सरकार हरसंभव मदद करेगी।