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केंद्र और राज्य सरकार ने किसानों को मजधार में छोड़ा, उद्धव ठाकरे बोले- देश में मोदी के राज में बढ़ रही तानाशाही


बुलढाणा: किसानो के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Udhav Thackeray) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) सहित केंद्र और राज्य सरकार पर हमला बोला है। देश में तानाशाही चलने का आरोप लगाते हुए ठाकरे ने कहा कि, "बीजेपी और मिंधे सरकार के शासनकाल में गद्दारों को 50 पेटी की गारंटी मिली। लेकिन, हर तरफ से संकट के भंवर में फंसे किसानों के पास कोई कीमत नहीं है। गुरुवार को उद्धव दो दिन के बुलढाणा दौरे (Buldhana Tour) पर पहुंचे थे, जहां सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कही। इसी के साथ उन्होंने आगामी चुनाव में मोदी और गद्दारो को मिटटी में गाड़ने का आवाहन किया। 

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, "मैं व्यक्तिगत रूप से नरेंद्र मोदी के खिलाफ नहीं हूं, लेकिन उनकी तानाशाही और अधिनायकवाद के खिलाफ हूं।' इसलिए इस बार का लोकसभा चुनाव इस तानाशाही के खिलाफ है। इसलिए इस बार का चुनाव मतदाताओं के लिए भी एक परीक्षा बन गया है। आप तानाशाही चाहते हैं या लोकतंत्र? अब समय है इस पर सोचने और वोट करने का।"

किसान आंदोलन को लेकर बोलते हुए ठाकरे ने कहा, "उत्तर से हजारों किसान वापस दिल्ली की सीमाओं पर आ गए हैं। बेखौफ होकर आंदोलन कर रहे हैं। गोलाबारी और आंसूगैस जैसे केंद्र के अन्याय को सहते हुए वह आंदोलन और अपनी मांगों पर कायम हैं। हालाँकि, महाराष्ट्र के किसान अन्याय सहते हुए चुप हैं। बुलढाणा की भी कुछ ऐसी ही तस्वीर है। जिजाऊ के बुलढाणा जिले और शिवराय के महाराष्ट्र का स्वाभिमान कहां गया? ऐसा सवाल भी उद्धव ने किया।  

गद्दारो के माथे से नहीं मिटेगा कालिख

राज्य की महायुति सरकार पर हमला बोलते हुए उद्धव ने कहा कि, "शिवसैनिक और लोग गद्दारी करके वहां चले गये। भले ही उन्हें 50 पेटी कैश मिल जाए, लेकिन यह तय है कि जनता का समर्थन और आशीर्वाद अब उन्हें नहीं मिलेगा।" ठाकरे ने आगे कहा, "उन्होंने हमारा धनुष चुरा लिया, वे पार्टी चुराने की कोशिश कर रहे हैं। हालाँकि, चाहे कुछ भी कर लिया जाए, उनके माथे पर लगा विश्वासघात का काला दाग नहीं मिटेगा। यह काले पत्थर की वह रेखा है जहां आने वाले चुनाव में जनता जनार्दन उन्हें उनकी जगह दिखाएगी।"