logo_banner
Breaking
  • ⁕ रीवा-इतवारी एक्सप्रेस में 6.68 लाख के आभूषण चोरी का मामला, ऑपरेशन ‘यात्री सुरक्षा’ में 4 आरोपी दो दिन में गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ Nagpur: रंगपंचमी पर कामठी में सड़क विवाद में युवक की हत्या, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार ⁕
  • ⁕ पाचपावली क्षेत्र में गाड़ी तोड़फोड़ और दहशत फैलाने की घटना: पुलिस ने निकाली आरोपियों की बारात ⁕
  • ⁕ मार्च की शुरुआत और अंगारे बरसने लगे! विदर्भ में गर्मी का 'टॉर्चर' शुरू, अकोला @39.3 डिग्री, तो नागपुर @37.8 डिग्री सेल्सियस ⁕
  • ⁕ डॉ. अभिजीत चौधरी का हुआ तबादला, पुणे महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण के होंगे नए आयुक्त ⁕
  • ⁕ फिर राज्यसभा जाएंगे शरद पवार, महाविकास अघाड़ी में बनी सहमति; हर्षवर्धन सपकाळ और सांसद सुप्रिया सुले ने किया ऐलान ⁕
  • ⁕ ईरान-इज़राइल युद्ध का असर: हवाई सेवाएं ठप, अमरावती के 14 नागरिक दुबई-अबूधाबी में फंसे ⁕
  • ⁕ Akola: खुदको आईबी अधिकारी बताकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में घुसपैठ करने वाले आरोपी को तीन दिन की पुलिस हिरासत ⁕
  • ⁕ Yavatmal: मुलावा फाटा-सावरगाव रोड पर रोंगटे खड़े करने वाला हादसा, युवक का सिर 12 किमी तक टैंकर में रहा फंसा ⁕
  • ⁕ Amravati: वलगाव में खेत में किसान के साथ अज्ञात लोगों ने की मारपीट, डॉक्टरों की लापरवाही से किसान की मौत होने का आरोप ⁕
Nagpur

कॉन्वेंट स्कूलों की तर्ज पर बदलें सरकारी स्कूल, छात्रों को घटती संख्या पर प्रवीण दटके ने की मांग


नागपुर: नागपुर मनपा सहित राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में छात्रों की घटती संख्या  का मुद्दा विधान परिषद में गूंजा। भाजपा विधायक प्रवीण दटके ने मुद्दा उठाते हुए स्कूलों में छात्रों की गिरती संख्या पर चिंता जताई। इसी के साथ उन्होंने कॉन्वेंट स्कूलों की तर्ज पर इंग्लिश मीडियम में बदलकर छात्रों को गुणवत्ता शिक्षा देने की मांग की।

दटके ने कहा, "दो दशक पहले नागपुर म्युनिसिपल स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या 72 हजार से अधिक थी. लेकिन उसके बाद निजी स्कूलों की संख्या बढ़ी, अभिभावकों का अंग्रेजी शिक्षा के प्रति रुझान बढ़ा और नगर निगम स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में भी गिरावट आने लगी। इसका असर स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या पर पड़ने लगा और वर्तमान में यह संख्या 72 हजार से 22 हजार पर आ गयी है।"

उन्होंने आगे कहा, "इस बीच तत्कालीन आयुक्त ने कुछ एनजीओ के माध्यम से नगर निगम की ओर से छह स्कूल शुरू किये। इन स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता अच्छी होने के कारण छात्र-छात्राओं को उनके अभिभावक वहां दाखिला दिलाने के लिए दौड़ पड़ते हैं।" दटके ने इसी तरह का प्रयोग अन्य स्कूलों में भी लागू करने का सुझाव दिया. उसने कहा. नागपुर में एनजीओ के माध्यम से किया गया प्रयोग सफल रहा है। छात्रों की कमी के कारण स्कूल बंद हो रहे हैं, शिक्षक बेकार होते जा रहे हैं। इस पृष्ठभूमि में क्या सरकार नागपुर के प्रयोग को राज्य के अन्य नगर निगमों में लागू करने की अनुमति देगी? दटके ने यह प्रश्न पूछा।

सरकार की ओर से इस सवाल का जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर ने कहा कि सरकार की नीति स्कूलों में सेमी इंग्लिश शुरू करने की है।सरकार कम से कम केंद्रीय स्तर पर एक स्कूल में सेमी इंग्लिश शुरू करने जा रही है। मनपा को स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से अर्ध-अंग्रेजी स्कूल शुरू करने की अनुमति देने पर सरकार गहन अध्ययन कराएगी और उसके बाद निर्णय लिया जाएगा।