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Nagpur

विधानसभा में गूंजा नागपुर कृषि उपज बाजार समिति का भ्रष्टाचार, विधायकों ने समिति को बर्खास्त कर आरोपियों पर करवाई की मांग


नागपुर: नागपुर कृषि उपज बाजार समिति (Nagpur Agricultural Produce Market Committee) में हुए भ्रष्टाचार और प्रमोशन में हुई अनियमितता की गूंजा आज मंगलवार को विधानसभा में दिखाई दी। ध्यानाकर्षण के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के तमाम विधायकों ने इस मुद्दे को विधानसभा में उठाया। विधायकों ने मंडी के अध्यक्ष पर नियमों को ताक पर रखकर प्रमोशन देने सहित सेस के माध्यम से मिलने वाले राजस्व में गबन के संगीन आरोप भी लगाए। 

भाजपा विधायक कृष्ण खोपड़े ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से नागपुर कृषि उपज बाजार समिति में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया। खोपड़े ने कहा कि, "बाजार समिति में करोड़ो का घोटाला सामने आया है। सरकारी ने घोटाले की जाँच के लिए 2017 और 2023 में दो समिति का गठन किया था, दोनों समिति ने भी इसमें भ्रष्टाचार की बात को उजागर किया है।" खोपड़े ने आगे कहा कि, बकरा मंडी से सरकार को 40 करोड़ का राजस्व मिलने अला था, लेकिन संचालक और दलालों ने मिलकर इसे गबन कर लिया। सरकार को राजस्व के रूप में 40 हजार रूपये भी नहीं मिले।" विधायक खोपड़े ने सम्बंधित अधिकारी पर मामला दर्ज करने और बाजार समिति में प्रशासक बैठाने की मांग की। 

खोपड़े के बाद मध्य नागपुर विधायक प्रवीण दटके ने भी मुद्दा उठाया। दटके ने कहा कि, "शासन का राजस्व का नुकसान हुआ है। जितने भी सचिव हुए सभी ने अपनी मनमानी की। इन लोगों ने पात्र लोगों को प्रमोशन देना चाहिए थे, लेकिन इन लोगों ने नियमों का उल्लंघन करते हुए पत्र को न देकर जूनियर को प्रमोशन दिया। इस कारण कर्मचारियों को बड़ा नुकसान हुआ। दटके ने ऐसे सचिवों पर मामला दर्ज करने की मांग की।" 

सावनेर विधायक आशीष देशमुख ने कहा, "2017 में एपीएमसी कानून में बदलाव किया है। सभी मंडियों को स्मार्ट करने की योजना केंद्र सरकार ने बनाई थी। लेकिन वर्तमान में कलमना एपीएमसी किसानों को लूट का केंद्र बन गया है। बाहरी राज्यों से माल लाकर यहाँ बेंचा जा रहा है। वहीं को मौजूदा संचालक मंडल है वह इसमें भागीदारी निभा रहा है।" देशमुख ने राज्य सरकार से कृषि उपज मंडी को राष्ट्रीय मंडी घोषित करने की मांग भी की।

मामले की होगी गहन जाँच, आरोपियों पर होगी करवाई 

वहीं तमाम मांगो पर जवाब देते हुए मंत्री जयकुमार रावल ने कहा कि, "उपज मंडी में हुए घोटाले के कारण सरकार को राजस्व का नुकसान हुआ है। इसको लेकर सरकार ने 2023 में करवाई करने का आदेश भी दिया था लेकिन अदालत ने इसपर रोक लगा दी थी।" रावल ने आगे कहा कि, हमारी सरकार किसानों की सरकार हैं। हम किसी भी आरोपी को नहीं छोड़ेंगे। रावल ने सभी अधिकारीयों की जाँच कर लिप्त अधिकारीयों पर मामला दर्ज करने की बात कही।