logo_banner
Breaking
  • ⁕ सैंड इस्तेमाल को बढ़ावा देने राज्य में नई पॉलिसी लागू; राजस्वमंत्री बावनकुले ने की घोषणा, शर्तें तोड़ने पर लाइसेंस होगा रद्द ⁕
  • ⁕ लावणी पर थिरकी एनसीपी अजित पवार गुट! पार्टी कार्यालय के भीतर नाच-गाने पर बवाल, आलाकमान ने अध्यक्ष अहिरकर से माँगा स्पष्टीकरण ⁕
  • ⁕ Buldhana: कंस्ट्रक्शन वर्कर के नाम पर फर्जी प्रमाणपत्र बनाकर वसूली, दो ऑनलाइन सेंटरों पर छापा, लेबर विभाग की बड़ी कार्रवाई ⁕
  • ⁕ Saoner: सावनेर के चंपा शिवार में सड़ी-गली हालत में मिला शव, खापरखेड़ा से गुमशुदा व्यक्ति की हुई पहचान ⁕
  • ⁕ Buldhana: जिले में बेमौसम बारिश ने दी दस्तक, कटाई के सीजन में फसलों को भारी नुकसान का खतरा ⁕
  • ⁕ Chandrapur: केसला घाट इलाके में बाघ ने बाइक सवार पर किया हमला, लोगों में डर का माहौल ⁕
  • ⁕ Amravati: कमुंजा फाटा के पास तेज़ रफ़्तार बस ने बाइक को मारी टक्कर, हादसे में एक की मौत, एक गंभीर ⁕
  • ⁕ विदर्भ सहित राज्य के 247 नगर परिषदों और 147 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद का आरक्षण घोषित, देखें किस सीट पर किस वर्ग का होगा अध्यक्ष ⁕
  • ⁕ अमरावती में युवा कांग्रेस का ‘आई लव आंबेडकर’ अभियान, भूषण गवई पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ⁕
  • ⁕ Gondia: कुंभारटोली निवासियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद पर बोला हमला, ‘एक नारी सबसे भारी’ के नारों से गूंज उठा आमगांव शहर ⁕
Nagpur

नहीं मांगा कोई पद, सामान्य कार्यकर्ता के तौर पर करूंगा काम; नितिन गडकरी से मुलाकात के बाद बोले आशीष देशमुख


नागपुर: कांग्रेस से निष्काषित आशीष देशमुख का भाजपा में शामिल होने का मुहूर्त तय हो गया है। रविवार 18 जून को वह भाजपा का दोबारा दामन थामेंगे। पार्टी में शामिल होने पहले शनिवार को देशमुख केंद्रीय मंत्री से मिलने उनके आवास पर पहुंचे। वहां से निकलने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए देशमुख ने कहा, "मैंने पार्टी से कोई पद नहीं माँगा है। पार्टी के सामान्य कार्यकर्ता बनकर काम करूंगा।" इसी के साथ उन्होंने यह भी कहा कि, वह किसी एक विधानसभा सीट पर नहीं, बल्कि पुरे विदर्भ के लिए काम करेंगे।"

गडकरी से मुलाकात पत्रकारों द्वारा घर वापसी के सवाल पर जवाब देते हुए देशमुख ने कहा, "यह मेरा घर वापसी नहीं पुनर्प्रवेश है। मैं 2009 में बीजेपी में शामिल हुआ था जब नितिन गडकरी प्रदेश अध्यक्ष थे। उन्होंने मुझे पश्चिम नागपुर से उम्मीदवारी की पेशकश की गई थी। लकिन किसी कारण वाश मुझे सावनेर विधानसभा से चुनाव लड़ना पड़ा। जहाँ कुछ मत से मुझे हारना पड़ा। वहीं 2014 के चुनाव में मुझे काटोल से उम्मीदवारी दी गई और मैंने अनिल देशमुख को हराकर विधानसभा पहुंचा।"

देशमुख ने कहा,"नितिन गडकरी मेरे लिए पिता समान हैं। मेरे राजनीतिक सफर में उनका बहुत बड़ा हाथ रहा है। मैं उनका आशीर्वाद लेने आया था। उनका आशीर्वाद लगातार बना रहेगा। उनके आशीर्वाद से ही आने वाले भविष्य में सफलता मिलेगी।"

पार्टी में पद मांगने के सवाल पर पूर्व विधायक ने कहा कि, "पार्टी से मैंने कोई विधायक और सांसद टिकट की मांग मैंने नहीं की है। पार्टी मेरे लिए जो निर्णय लेगी और कार्यकर्ता के नाम पर मैं काम करूँगा।" इसी के साथ उन्होंने आगे कहा कि, "आने वाले समय में मेरा कदम  कदम सब्र, श्रद्धा और सबुरी के साथ रहेगा।"