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केंद्रीय चुनाव आयोग की पत्रकार वार्ता आज दोपहर तीन बजे, महाराष्ट्र सहित चार राज्यों में हो सकती है चुनाव की घोषणा!


नई दिल्ली: महाराष्ट्र (Maharashtra) सहित चार राज्यों में विधानसभा चुनाव (Assembly Election) की तारीखों का आज ऐलान हो सकता है। दोपहर तीन बजे केंद्रीय चुनाव आयोग (Election Comission of India) की पत्रकार वार्ता है। जिसमें जम्मू-कश्मीर ( Jammu-Kashmir) में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो सकता है। इसी के साथ चुनाव आयोग द्वारा तीन राज्यों महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड में भी चुनाव की तारीखों का ऐलान करने की संभावना जताई जा रही है। 

ज्ञात हो कि, 2019 के अगस्त में मोदी सरकार ने जम्मू कश्मीर से धारा 370 को हटा दिया था। यहीं नहीं सरकार ने राज्य की पूर्ण स्वात्यात समाप्त कर उसे केंद्र शासित प्रदेश घोषित कर दिया था। जिसके बाद से राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू है। बीते वर्ष एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को राज्य में जल्द से जल्द चुनाव कराने का आदेश दिया था। इसी के साथ केंद्र सरकार ने भी राज्य को पूर्ण राज्य का दर्जा जल्द बहाल करने का वादा किया है।

महाराष्ट्र में सात नवंबर को कार्यकाल हो रहा समाप्त 

महाराष्ट्र की बात करें तो मौजूदा महायुति सरकार का कार्यकाल आठ नवंबर को समाप्त हो रहा है। जिसको देखते हुए उसके पहले राज्य में चुनाव कराना जरूरी है।  2019 के विधानसभा चुनाव में महायुति को पूर्ण बहुमत मिला था। जिसमें भारतीय जनता पार्टी को 106 और पूर्ण शिवसेना को 56 सीट मिली थी।  वहीं एनसीपी को 54 और कांग्रेस के 42 सदस्य निर्वाचित हुए थे।

मुख्यमंत्री पद को लेकर टूटी महायुति

चुनाव परिणाम के बाद महायुति में मुख्यमंत्री पद को लेकर विवाद हो गया था। शिवसेना भाजपा से सीएम पद पर ढाई-ढाई साल के फार्मूला को लागू करने की बात कर रही थी। वहीं भाजपा ने ऐसे किसी भी फार्मूले से इनकार कर दिया था। जिसके बाद शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भाजपा से गठबंधन तोड़ते हुए एनसीपी और कांग्रेस के साथ मिलकर महाविकास आघाड़ी बनाई और सरकार का गठन किया। जिसमें उद्धव ठाकरे सरकार के मुखिया बने। 

एकनाथ शिंदे और अजीत पवार ने की बगावत

सरकार गठन के ढाई साल बाद राज्य सरकार में मंत्री रहे एकनाथ शिंदे ने बगावत कर दी। उनके साथ शिवसेना के 40 और 10 निर्दलीय विधायक भी शामिल रहे। शिवसेना टूटने के बाद महाविकास आघाड़ी सरकार गीर गई। जिसके बाद एकनाथ शिंदे ने भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाई। वहीं साल भर बाद एनसीपी में भी बड़ी टूट हुई। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजित पवार अपने समर्थकों के साथ महायुति में शामिल हो गए। जहां उन्हें उपमुख्यमंत्री और उनके नौ विधायकों को मंत्री बनाया गया। 

लोकसभा में महायुति को झटका

हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में महायुति को महाराष्ट्र में बड़ा झटका लगा है। राज्य की 48 लोकसभा सीटों में उसे मात्र 17 सीटों पर जीत मिली, वहीं महाविकास आघाड़ी एक निर्दलीय सहित 31 सीटों को कब्जा लिया। 28 सीटों पर चुनाव लडने वाली भाजपा मात्र नौ सीट जीत सकी। वहीं विदर्भ में नागपुर लोकसभा सीट को छोड़कर सभी सीट हार गई। लोकसभा चुनाव के आए परिणाम के बाद से विपक्षी विधानसभा चुनाव में भी इसी तरह के परिणाम रहने का दावा कर रहे हैं।