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Chandrapur

Chandrapur: आखिरी मोड़ पर टूटा पुराना गठबंधन, जिला मध्यवर्ती बैंक संचालक पद के लिए कल होगा मतदान


- पवन झबाडे

चंद्रपुर: चंद्रपुर जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के चुनाव में अब सियासत अपने अंतिम चरण में  है और मुकाबला दिलचस्प और तेज़ हो गया है। एक ओर भाजपा के विधायक बंटी भांगडीया और विधायक किशोर जोरगेवार हैं। तो दूसरी ओर कांग्रेस की सांसद प्रतिभा धानोरकर, और विधायक विजय वडेट्टीवार, विधायक सुधाकर अडबाले आमने-सामने हैं। कल गुरुवार को मतदान होगा और मतगणना 11 जुलाई को होगी। अब तक 13 संचालक निर्विरोध चुन लिए गए हैं, लेकिन शेष 7 पदों के लिए मतदान होना बाकी है, जो अलग-अलग गुटों के उम्मीदवारों के लिए निर्णायक होगा।

सबसे बड़ा सियासी उलटफेर तब हुआ जब आषाढ़ी एकादशी के दिन सांसद धानोरकर और विधायक वडेट्टीवार ने हाथ मिलाकर एक नई गटबंधन की घोषणा की। इससे  भांगडीया-धानोरकर-रवींद्र शिंदे के साझा पॅनल में दरार आ गई। बैंक में भर्ती प्रक्रिया को लेकर सामने आए आर्थिक घोटालों की पृष्ठभूमि में इस चुनाव ने राज्यस्तर पर ध्यान खींचा है। 

इस बार विजय वडेट्टीवार, किशोर जोरगेवार और प्रतिभा धानोरकर ने अलग-अलग गुटों से नामांकन दाखिल किए थे, लेकिन वडेट्टीवार और जोरगेवार ने अंतिम क्षणों में नाम वापसी लेकर नई रणनीति अपनाई। महिला कोटे से सांसद धानोरकर निर्विरोध चुन ली गईं, जिसके बाद उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षा खुलकर सामने आई और पुराना गठबंधन टूट गया।

बुधवार को प्रचार थमने से पहले, एनडी होटल में भाजपा के भांगडीया और जोरगेवार ने अपने गुट के लिए अहम बैठक की। इसमें ओबीसी गुट से गजानन पाथोडे और 'ब' गुट-2 से रोहित बोम्मावार को समर्थन देने की घोषणा की गई। वहीं कांग्रेस की ओर से सांसद धानोरकर और वडेट्टीवार ने ‘अ’ गुट से दिनेश चोखारे और ओबीसी से श्यामकांत थेरे के लिए मतदाताओं से संपर्क किया। विधायक सुधाकर अडबाले ने किशोर ढुमणे के प्रचार की कमान संभाली। सबसे कड़ी टक्कर राजुरा तालुका के 'अ' गुट में भाजपा के सुदर्शन निमकर और नागेश्वर ठेंगणे के बीच देखी जा रही है। 

खास बात यह है कि निमकर को कांग्रेस जिलाध्यक्ष और पूर्व विधायक सुभाष धोटे का 'गुप्त समर्थन' मिलने की चर्चा ने इस मुकाबले को और रोचक बना दिया है। अब देखना यह है कि राजनीतिक जोड़तोड़, गुटबाजी और अदृश्य समर्थन के इस खेल में विजयी बाजी किसके हाथ लगती है। यह चुनाव न सिर्फ बैंक की दिशा तय करेगा, बल्कि जिले की राजनीति में नए समीकरण भी गढ़ेगा।