logo_banner
Breaking
  • ⁕ हिदायत पटेल हत्याकांड: कांग्रेस ने दो संदिग्ध नेताओं को किया निलंबित ⁕
  • ⁕ अमरावती मनपा चुनाव: युवा स्वभामिनी ने भाजपा का बिगाड़ा खेल, केवल जीत पाई 25 सीट ⁕
  • ⁕ Chandrapur Election Result: भाजपा को लगा झटका, 27 सीट जीतकर कांग्रेस बनी सबसे बड़ी पार्टी; देखें उम्मीदवारों की पूरी सूची ⁕
  • ⁕ Akola Municipal Corporation Result: अकोला मनपा पर भाजपा का परचम, 38 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी ⁕
  • ⁕ Municipal Corporation Election 2026: नागपुर मनपा में भाजपा की प्रचंड जीत, लगातार चौथी बार सत्ता में हुई काबिज ⁕
  • ⁕ Chandrapur NMC Election 2026: कांग्रेस को बड़ी बढ़त, चंद्रपुर में जीत लगभग तय: विजय वडेट्टीवार ⁕
  • ⁕ प्रचार के अंतिम दिन भाजपा ने झोंकी पूरी ताक़त; फडणवीस निकाल रहे बाइक रैली, गडकरी और बावनकुले की जनसभाओं से मांगे जाएंगे वोट ⁕
  • ⁕ चांदी के भाव में उछाल का दौर जारी; नागपुर सराफा बाजार में 2,53,500 प्रति किलो पर पहुंची चांदी ⁕
  • ⁕ Bhandara: लाखोरी गांव के पास घूम रहे तीन भालू, इलाके में डर का माहौल ⁕
  • ⁕ Nagpur: नकली एमडी बिक्री विवाद में युवक पर जान लेवा हमला, चाकू मार कर किया गंभीर रूप से घायल ⁕
Nagpur

जब धीरूभाई अंबानी ने बचाई नवाज शरीफ की जान, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सुनाया किस्सा


नागपुर: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने उद्योगपति धीरूभाई अंबानी और पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को लेकर एक किस्सा सुनाया। कैसे धीरूभाई ने अमेरिका के राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की मदद से शरीफ को तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ से बचाया और उन्हें सऊदी अरब में शरण दिलाई थी। केंद्रीय मंत्री शुक्रवार को आईआईएम नागपुर के कैम्पस में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। जहां छात्रों से बात करते हुए यह बात बताई।

गडकरी ने कहा कि, "सन 2000 में अमेरिका के राष्ट्रपति बिल क्लिंटन भारत दौरे पर थे। क्लिंटन और उनके दल का मुंबई में स्टॉक एक्सचेंज में एक कार्यक्रम था। इसमें मैं महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता के तौर पर मौजूद था। कार्यक्रम शुरू होने से पहले धीरूभाई ने क्लिंटन से मुलाकात की थी। जहां उन्होंने उनसे अपने दोस्त को बचा लेने की प्रार्थना की थी।"

गडकरी ने बताया कि, "पाकिस्तान में 1999 में दोबारा सैन्य शासन आ गया था। तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को गद्दी से हटाकर परवेज मुशर्रफ के सत्ता में आने से धीरूभाई अंबानी भी चिंतित हो गए थे। धीरूभाई को लगता था कि, मुशर्रफ उनके दोस्त शरीफ से उसी तरह छुटकारा न पा लें जैसे जिया उल हक ने जुल्फिकार अली भुट्टो से पाया था।"

देखें फूल वीडियो:

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि, "बैठक के दौरान क्लिंटन से उनके दोस्त को बचाने की गुहार लगाई थी। उन्होंने कहा था कि, बटवारा होने के पहले धीरूभाई अंबानी और नवाज शरीफ एक ही देश में रहने वाले है। नवाज अपना इंसान है और मेरा अच्छा दोस्त है।" धीरूभाई का मानना था कि क्लिंटन और मुशर्रफ के संबंध काफी अच्छे हैं और अगर वह कहेंगे तो नवाज शरीफ को जान का खतरा नहीं रहेगा।"

गडकरी ने कहा कि इसके बाद क्लिंटन पाकिस्तान के दौरे पर गए। वहां जाकर उन्होंने शरीफ की जान बचाने के लिए मुशर्रफ से कहा। गडकरी का कहना था कि इसके बाद क्लिटंन ने धीरूभाई को बताया कि अब उनका दोस्त सुरक्षित है। इसके बाद ही शरीफ पाकिस्तान से निकल कर सऊदी अरब में शरण ले सके।