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Yavatmal: 30 करोड़ की विकास निधि पर सियासी घमासान, विकास निधि पर नगर परिषद में आरोप-प्रत्यारोप


यवतमाल: शहर के विकास के लिए 30 करोड़ रुपये की निधि मंजूर होने के दावे को लेकर नगर परिषद में सियासी घमासान शुरू हो गया है। नगरसेवक संतोष बोरेले ने निधि की मंजूरी को लेकर सवाल उठाते हुए शासन से मिले दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की है।

यवतमाल नगर परिषद में 30 करोड़ रुपये के विकास निधि को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। नगरसेवक संतोष बोरेले ने दावा किया है कि इस निधि को लेकर अब तक शासन की ओर से कोई मंजूरी पत्र, प्रशासकीय मान्यता, निधि मंजूरी या शासनादेश नगर परिषद को प्राप्त नहीं हुआ है। बोरेले के मुताबिक, सत्तापक्ष की ओर से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास निधि की मांग किए जाने और 30 करोड़ रुपये मंजूर होने की बात कही गई थी। ऐसे में उन्होंने सवाल उठाया है कि अगर निधि मंजूर हुई है, तो इसकी आधिकारिक मंजूरी और शासनादेश कहां है।

बोरेले ने शहर की सफाई, सड़कों की मरम्मत, नालियों की समस्या और नवरात्रि से जुड़े जरूरी कामों का मुद्दा भी उठाया है। उनका आरोप है कि नागरिकों से टैक्स वसूला जा रहा है, लेकिन शहर की प्राथमिक सुविधाओं से जुड़े सवाल अब भी कायम हैं। उन्होंने मांग की है कि 30 करोड़ रुपये की निधि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए और यह भी बताया जाए कि इस निधि से कौन-कौन से विकास कार्य प्रस्तावित हैं। साथ ही, बोरेले ने चेतावनी दी है कि उनके द्वारा पहले दिए गए विकास कार्यों के नियोजन पत्र पर कार्रवाई नहीं हुई, तो 11 अक्टूबर को नगर परिषद के सामने आमरण अनशन किया जाएगा।