लोहारी सावंगा में किसानों के बीच पहुंचे CM फडणवीस, किसान परिवार संग मनाई दीपावली; कहा- संकट में सरकार किसानों के साथ
नागपुर : किसानों के सुख-दुख में सहभागी बनने और उनकी समस्याओं को करीब से जानने के उद्देश्य से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस साल दिवाली किसानों के साथ मनाई। नागपुर जिले के नरखेड़ तहसील के लोहारी सावंगा गांव पहुंचकर मुख्यमंत्री ने किसान परिवारों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने रामभाऊ बालपांडे के निवास पर पहुंचकर उनके परिवार के सदस्यों और किसानों से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने किसानों के घर पहुंचकर उनकी भावनाओं और समस्याओं को समझने का प्रयास किया।
इसके बाद मुख्यमंत्री फडणवीस गुरुदेव सेवाश्रम की ओर से आयोजित सामूहिक प्रार्थना में शामिल हुए। यहां उन्होंने भजन गाया और खंजिरी व ताल बजाकर भक्तिमय वातावरण का आनंद लिया। इसके बाद ग्राम पंचायत परिसर में किसानों के साथ संवाद करते हुए उन्होंने भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में सरकार पूरी मजबूती से किसानों के साथ खड़ी है।
खरीफ सीजन में किसानों को भारी नुकसान
इस साल का खरीफ सीजन किसानों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहा है। मानसून के शुरुआती दो महीनों में अच्छी बारिश होने के बाद अचानक बारिश ने साथ छोड़ दिया। इसके चलते सोयाबीन की फलियों में दाने नहीं भर पाए। कई जगहों पर फसलें सूख गईं, जबकि अन्य फसलों को भी बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा। इसके परिणामस्वरूप किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कई गांवों में पशुओं के चारे और पीने के पानी की समस्या भी गंभीर हो गई है. इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने किसानों के साथ दिवाली मनाने का निर्णय लिया।
सरकार किसानों के साथ, कर्जमाफी का लिया निर्णय : फडणवीस
किसानों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह साल केवल किसानों के लिए ही नहीं, बल्कि सभी के लिए चुनौतीपूर्ण रहा है। बारिश की अनियमितता के कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। ऐसे समय में सरकार के रूप में किसानों के साथ खड़ा होना हमारी जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों को सहायता देना शुरू कर दिया है और कर्जमाफी का निर्णय भी लिया है। इसके साथ ही लगभग डेढ़ करोड़ किसानों के करीब 58 हजार करोड़ रुपये के लंबित बिजली बिल माफ करने का निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट के समय प्रत्येक व्यक्ति को किसानों के साथ खड़ा होना चाहिए। किसान इस समय चिंतित हैं। ऐसे में दिवाली का त्योहार उनके साथ मनाकर, उनसे बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझना और उन्हें हिम्मत देना जरूरी है। इसी उद्देश्य से वे सीधे गांव पहुंचे हैं। इस संवाद के माध्यम से किसानों का मनोबल बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
तुकडोजी महाराज के विचारों से मिलेगी संकट से लड़ने की शक्ति
मुख्यमंत्री फडणवीस ने राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज के विचारों के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रसंत के भजनों में संकट से लड़ने की शक्ति है। जब व्यक्ति का मन निराश होता है, तब उनके भजन नई ऊर्जा प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि ग्रामगीता के माध्यम से तुकडोजी महाराज ने गांव की अर्थव्यवस्था कैसी होनी चाहिए और ग्राम विकास किस तरह किया जाना चाहिए, इसका मार्गदर्शन किया है। ग्रामगीता गांव के सर्वांगीण विकास की कुंजी है।
राष्ट्रसंत ने अपने विचारों के माध्यम से सूखे की स्थिति में किए जाने वाले उपायों, संकट का सामना करने और जल संरक्षण के महत्व को भी समझाया है। उनके विचारों से प्रेरणा लेकर किसानों को संकट से लड़ने की शक्ति प्राप्त करनी चाहिए।
जल संरक्षण के कार्यों पर रहेगा जोर, किसानों के साथ खड़ी रहेगी सरकार
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार पूरी ताकत से किसानों के साथ खड़ी है और भविष्य में भी उनके साथ रहेगी। सूखे जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए विभिन्न उपाययोजनाएं लागू की जाएंगी और जल संरक्षण के कार्यों को भी गति दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि पूरा प्रशासन और सरकार किसानों के साथ है। इस संकट का सामूहिक रूप से सामना किया जाएगा और किसानों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
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